लखनऊ, 12 मार्च 2026। देश के किसानों को आर्थिक संबल देने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त शुक्रवार को जारी होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम से इस किस्त को जारी करेंगे, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 4335.11 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मिलने वाली यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इस योजना को लगातार आगे बढ़ा रही है।
पीएम किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त से यूपी के 2.15 करोड़ किसानों को लाभ
शुक्रवार को जारी होने वाली पीएम किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त उत्तर प्रदेश के लाखों किसान परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी। राज्य के 2.15 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस किस्त के तहत 4335.11 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे। योजना के तहत यह राशि पूरी तरह पारदर्शी तरीके से डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहायता राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए बीज, उर्वरक और खेती से जुड़े अन्य खर्चों में सहायक साबित होती है।
साल में तीन किस्तों में मिलती है छह हजार रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि साल में तीन बराबर किस्तों में किसानों के खातों में भेजी जाती है।
इससे पहले 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयम्बटूर से योजना की 21वीं किस्त जारी की थी। उस समय भी देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में सीधे धनराशि भेजी गई थी।
सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना और खेती से जुड़े खर्चों का कुछ हिस्सा कम करना है।
अब तक यूपी के किसानों को मिल चुके हैं 94,668 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश इस योजना के लाभार्थियों की संख्या के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
शुक्रवार को जारी होने वाली 4335.11 करोड़ रुपये की नई किस्त के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 99,003.69 करोड़ रुपये हो जाएगा।
वर्षवार यूपी को मिली धनराशि (करोड़ रुपये में)
| वर्ष | धनराशि |
|---|---|
| 2018-19 | 2,238.92 |
| 2019-20 | 11,006.87 |
| 2020-21 | 14,432.14 |
| 2021-22 | 15,775.52 |
| 2022-23 | 12,454.32 |
| 2023-24 | 13,808.48 |
| 2024-25 | 15,594.74 |
| 2025-26 (अप्रैल–जुलाई) | 5,043.33 |
| 2025-26 (अगस्त–नवंबर) | 4,314.26 |
| 2025-26 (दिसंबर–मार्च) | 4,335.11 |
| कुल योग | 99,003.69 |
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि योजना के तहत मिलने वाली यह राशि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देती है। इससे किसानों की खरीद क्षमता बढ़ती है और खेती से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलता है।









