लखनऊ (Wed, 08 Oct 2025) — उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की तस्वीर अब बदलने जा रही है। राज्य सरकार ने 1000 आईटीआई को अपग्रेड करने की योजना बनाई है ताकि युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक ट्रेनिंग मिल सके। इस कदम से न केवल ट्रेनिंग का तरीका बदलेगा, बल्कि Skill Development in UP को भी नई दिशा मिलेगी।
‘हब एंड स्पोक मॉडल’ से जुड़ेगी ट्रेनिंग की नई चेन
नई व्यवस्था में कुछ प्रमुख आईटीआई को हब बनाया जाएगा, जो आसपास के छोटे संस्थानों यानी स्पोक्स को आधुनिक मशीनों, प्रशिक्षकों और उद्योगिक सहयोग से सशक्त करेंगे। यह मॉडल इस तरह तैयार किया जा रहा है कि प्रदेश का हर आईटीआई किसी न किसी रूप में तकनीकी नवाचार से जुड़ सके।
गौरतलब है कि यह पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की ‘National Scheme for Upgradation of Industrial Training Institutes’ और ‘National Centres of Excellence for Skilling’ योजनाओं के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर एक संचालन समिति गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे और सदस्य सचिव की भूमिका व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव को दी गई है।
उद्योग जगत से जुड़ाव पर विशेष जोर
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रशिक्षण का कोर्स अब केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए सरकार ने ASSOCHAM, FICCI, और Indian Industries Association (IIA) जैसे प्रमुख औद्योगिक संगठनों को शामिल किया है। इन संस्थाओं की मदद से कोर्स की रूपरेखा उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार की जाएगी।
नई तकनीक, नई मशीनें, नए अवसर
व्यावसायिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि अपग्रेड होने के बाद आईटीआई के छात्र अत्याधुनिक मशीनों पर काम करना सीखेंगे। उन्हें इंडस्ट्री में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा, “अब हमारे युवाओं को वही सिखाया जाएगा जो उद्योगों को वास्तव में चाहिए। इससे प्रदेश में कुशल मानव संसाधन तैयार होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”
भविष्य की दिशा में बड़ा कदम
प्रदेश सरकार का यह प्रयास न सिर्फ आईटीआई के ढांचे को नया रूप देगा, बल्कि राज्य में Skill Development in UP को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मॉडल सफल होता है, तो उत्तर प्रदेश देश का skilling hub बन सकता है।








