नई दिल्ली (Tue, 07 Oct 2025) — त्योहारों के मौसम में यात्रियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि दिवाली और छठ पर्व के दौरान रेल यात्रा को सुगम बनाने के लिए देशभर में 12,000 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
यह कदम ऐसे समय पर आया है जब हर साल त्योहारों के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ और वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती है। सरकार का उद्देश्य इस निर्णय के ज़रिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है।
1200 स्पेशल ट्रेनों से त्योहारों में आसानी
रेल मंत्रालय के अनुसार, 1200 स्पेशल ट्रेनें विशेष रूप से दिवाली और छठ पूजा के लिए निर्धारित की जाएंगी। ये ट्रेनें देश के प्रमुख शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक चलेंगी ताकि हर वर्ग के यात्री को लाभ मिल सके।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि “हमारी प्राथमिकता यात्रियों को भीड़ से राहत दिलाना और यात्रा अनुभव को सहज बनाना है। इस बार ट्रेनों की संख्या पहले से कहीं ज़्यादा होगी, ताकि कोई भी यात्री छूटे नहीं।”
चार नई Railway Projects को हरी झंडी
कैबिनेट ने बैठक में चार नई Railway Projects को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश में रेल नेटवर्क का आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार है।
वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में सात रेलवे कॉरिडोर देश के कुल रेल यातायात का लगभग 41% वहन करते हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि इन कॉरिडोर को चार से छह लेन तक विस्तारित किया जाएगा ताकि माल ढुलाई और यात्री सेवाओं दोनों को मजबूती मिल सके।
उन्होंने कहा, “इन प्रोजेक्ट्स की अवधि 3 से 5 वर्ष रखी गई है और इनके पूरा होने पर भारत की रेल ढांचा दुनिया में सबसे मज़बूत नेटवर्क में से एक बन जाएगा।”
भारत ने छोड़ा अमेरिका को पीछे
फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री वैष्णव ने यह भी कहा कि भारत अब अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई वाला देश बन चुका है।
उन्होंने बताया कि “पिछले दस वर्षों में भारतीय रेलवे ने जिस गति से विकास किया है, वह अभूतपूर्व है। यह न केवल अर्थव्यवस्था को मज़बूत बना रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।”
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ
मंत्री ने कहा कि रेलवे परियोजनाओं से रसद लागत (logistics cost) में उल्लेखनीय कमी आई है। यह न केवल उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बना रहा है, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी सहायक है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में रेलवे को भारत की आर्थिक रीढ़ बनाया जाए — ऐसा नेटवर्क जो तेज़, हरित और सस्ता हो।”
निष्कर्ष
त्योहारों से ठीक पहले कैबिनेट का यह निर्णय आम यात्रियों के लिए किसी तोहफ़े से कम नहीं। 12,000 ट्रेनों के संचालन और नई Railway Projects की मंजूरी से यह साफ है कि सरकार सुविधा, कनेक्टिविटी और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।













