लखनऊ/8 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ गुरुवार को उनके खेल करियर ने एक नया मोड़ लिया। लखनऊ के लोक भवन सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नियुक्त होने वालों में 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया को प्रतिभा और परिश्रम से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि पहले ‘पीडीए’ यानी ‘प्रदेश डुबाओ अलायंस’ था, जबकि अब एनडीए यानी ‘नौकरी देंगे अलायंस’ की सरकार है। यह मुख्यमंत्री की राजनीतिक टिप्पणी है।
470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, बोले- यह आपकी मेहनत का फल
योगी आदित्यनाथ ने चयनित खिलाड़ियों से कहा कि उनकी जर्सी से वर्दी तक की यात्रा अब शुरू हो रही है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या नियुक्ति के दौरान किसी ने पैसे मांगे या सिफारिश की जरूरत पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार का अहसान नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले पुलिस में खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का रास्ता नहीं था। उनके मुताबिक, सरकार ने खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती की व्यवस्था शुरू की और अब बड़ी संख्या में खेल प्रतिभाओं को पुलिस सेवा में अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 500 से अधिक अन्य खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है।
योगी ने यह भी कहा कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे सात खिलाड़ियों को अब तक नौकरी दी जा चुकी है।
’64 हजार हेक्टेयर जमीन माफिया के कब्जे से मुक्त कराई’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और खेल सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में लोगों को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही घर से बाहर निकलने की स्थिति महसूस होती थी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 64 हजार हेक्टेयर भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में गांवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की दिशा में किए जा रहे काम का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से जोड़ने की बात भी कही। उनका कहना था कि यदि नशे के खिलाफ अभियान का कोई ब्रांड एंबेसडर बन सकता है तो खिलाड़ी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश भी दिया।
खिलाड़ियों को गांवों से जोड़ने का सुझाव
मुख्यमंत्री ने डीजीपी से कहा कि नियुक्त होने वाले खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद देने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि खिलाड़ी अपने-अपने गांवों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें और युवाओं को मैदान तक लाने में भूमिका निभाएं।
योगी ने खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी असली प्रतिभा पसीने में है और नियुक्ति को मंजिल नहीं, बल्कि शुरुआत के रूप में देखना चाहिए। पुलिस सेवा में आगे पदोन्नति के भी अवसर हैं।
युवाओं को सोशल मीडिया और खेल के बीच फर्क समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रील में लाइक मिलते हैं, लेकिन खेल में लाइफ मिलती है।’ उन्होंने युवाओं से तय करने को कहा कि वे अपना समय किस दिशा में लगाना चाहते हैं।
‘सैफई और सिफारिश’ का जिक्र कर सपा पर निशाना
अपने संबोधन के राजनीतिक हिस्से में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नौकरियों में ‘सैफई और सिफारिश’ की चर्चा होती थी। उन्होंने दावा किया कि अब भर्ती व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि किसी की नौकरी या पदोन्नति को मनमाने ढंग से रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि ‘पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस था’, जबकि वर्तमान में एनडीए यानी ‘नौकरी देंगे अलायंस’ की सरकार है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर भी कई आरोप लगाए और अपनी सरकार की उपलब्धियों को रोजगार तथा कानून-व्यवस्था से जोड़कर पेश किया। ये सभी दावे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दिए गए राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अपराध और घोटालों की खबरें चर्चा में रहती थीं, जबकि अब मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे प्रोजेक्ट की खबरें सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा युवाओं की नियुक्तियों को लेकर किए जाने वाले दावों पर भी उन्होंने तंज कसा और अपने संबोधन में ‘मगरमच्छ’ वाली उपमा का इस्तेमाल किया।
470 खिलाड़ियों की नियुक्ति के इस कार्यक्रम में सरकार ने जहां खेल प्रतिभाओं को पुलिस सेवा से जोड़ने को उपलब्धि के रूप में पेश किया, वहीं मुख्यमंत्री के भाषण ने इसे रोजगार, खेल सुविधाओं और प्रदेश की राजनीतिक दिशा से भी जोड़ दिया।








