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77वां गणतंत्र दिवस लखनऊ: विधान भवन के सामने राष्ट्रीय गर्व और उल्लास का भव्य समारोह

On: January 26, 2026
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77वां गणतंत्र दिवस लखनऊ
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लखनऊ, 26 जनवरी 2026 (सोमवार)। राजधानी लखनऊ में 77वां गणतंत्र दिवस लखनऊ पूरे राष्ट्रीय गौरव, अनुशासन और उत्साह के साथ मनाया गया। विधान भवन के सामने आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा और देशभक्ति गीतों की गूंज ने पूरे परिसर को उत्सवधर्मी आभा से भर दिया।

समारोह की शुरुआत सधे कदमों की ताल और ब्रास बैंड की गूंज के साथ हुई। भारतीय थल सेना की टुकड़ियों, उत्तर प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, पीएसी की 32वीं और 35वीं वाहिनी, महिला पीएसी, प्रांतीय रक्षा दल और एनसीसी कैडेटों ने अनुशासन और समर्पण का प्रभावी प्रदर्शन किया। विशेष रूप से शामिल हरियाणा पुलिस के दस्ते ने अंतर-राज्यीय सहयोग और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया।

विद्यालयी विद्यार्थियों की सहभागिता इस बार के आयोजन का केंद्र रही। उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल, लखनऊ के ब्रास बैंड, सेंट जोसेफ कॉलेज की छात्राओं, अटल आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा अन्य राजकीय-निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास से भरा मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने हर कदम पर तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देशभक्ति और सामाजिक संदेश का सुंदर समन्वय दिखा। सीएमएस अलीगंज की ‘शिक्षित बेटियां’ थीम ने शिक्षा और नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया, जबकि सीएमएस गोमतीनगर के बैंड द्वारा ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन ने वातावरण को भावुक कर दिया। ‘हम होंगे कामयाब’, ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे गीतों के बीच परिसर में राष्ट्रप्रेम की अनुभूति स्पष्ट दिखी।

लखनऊ पब्लिक कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी, जिसमें आत्मनिर्भरता और प्रगति की झलक थी। एसएआर पब्लिक स्कूल ने नारी शक्ति की भूमिका को प्रभावी ढंग से मंचित किया। वहीं सेंट जोसेफ कॉलेज, राजाजीपुरम की प्रस्तुति में अयोध्या धाम की सांस्कृतिक चेतना और नारी-सम्मान का संदेश प्रमुख रहा।

झांकियों ने समारोह को दृश्यात्मक भव्यता दी। बाल विद्या मंदिर, चारबाग की ‘उत्तर प्रदेश-उत्तम प्रदेश’ प्रस्तुति, एसआर ग्लोबल स्कूल की नारी शक्ति पर आधारित प्रस्तुति और बाल निकुंज विद्यालय की ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम ने दर्शकों का मन मोह लिया। लखनऊ पब्लिक स्कूल की ‘नया भारत-नया हिंदुस्तान’ झांकी और पर्यटन निदेशालय की झांकी को खास सराहना मिली।

इस वर्ष एक विशेष पहल के तहत मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, बिहार, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़—इन नौ राज्यों से आए 200 से अधिक कलाकारों ने विधानसभा मार्ग पर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। वहीं उम्मीद संस्था से जुड़े भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चों की तिरंगा नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल, मेट्रो, और राम मंदिर के माध्यम से प्रदेश की विरासत और विकास यात्रा को दर्शाया गया। स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय), जल जीवन मिशन, परिवहन निगम और नमामि गंगे की झांकियों ने विकास के विविध आयामों को सामने रखा। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आकाश में तिरंगे गुब्बारे उड़ाकर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

समग्र रूप से, 77वां गणतंत्र दिवस लखनऊ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि अनुशासन, संस्कृति, शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया—जहां तिरंगा सिर्फ फहराया नहीं गया, बल्कि हर चेहरे पर उसकी आभा साफ दिखी।

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