गोरखपुर/17 अगस्त 2026। खेल के मैदान में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को पहले ही सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले एक महीने के भीतर 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस समेत अन्य विभागों में नियुक्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के साथ सरकार की खेल नीति और युवाओं के लिए प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी खेल नीति के तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की है। इसके तहत अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि और प्रतिभा के अनुरूप महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी दी जा रही हैं। खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी तक के पद खिलाड़ियों को दिए गए हैं।
सीएम ने कहा कि अगले एक माह के भीतर 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस तथा अन्य विभागों में नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित करना नहीं, बल्कि उनकी उपलब्धि के बाद उनके भविष्य को सुरक्षित करना भी है।
ओलंपिक पदक विजेताओं को करोड़ों की पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खिलाड़ियों को मिलने वाली आर्थिक प्रोत्साहन राशि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी के स्वर्ण पदक जीतने पर 6 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।
इसके अलावा ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये, जबकि राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
निजी खेल अकादमियों और अखाड़ों को भी मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए सरकार के साथ समाज, निजी क्षेत्र और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी भी जरूरी है। निजी खेल अकादमियां यदि युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा निखार रही हैं तो सरकार उन्हें सहयोग देगी।
उन्होंने पारंपरिक अखाड़ों को भी खेल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने अखाड़ों का पंजीकरण कराया जाएगा। अखाड़ों के निर्माण, मैटिंग, प्रशिक्षण व्यवस्था, कोच और मैनेजर जैसी आवश्यकताओं के लिए भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की खेल संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि ओलंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल एक निजी स्टेडियम से निकलकर आगे बढ़े। उनका उदाहरण बताता है कि निजी क्षेत्र यदि प्रतिभाओं को बेहतर मंच और संसाधन उपलब्ध कराए तो ग्रामीण और छोटे शहरों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
अनुशासन को बताया खिलाड़ी की पहली पूंजी
सीएम योगी ने खिलाड़ियों से केवल मैदान में मेहनत करने ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की पहली पूंजी आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम है।
समय पर सोना-जागना, संतुलित खान-पान और गुरु एवं कोच के प्रति सम्मान खिलाड़ी के व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है। उन्होंने अखाड़े की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहलवान गुरु और उस्ताद को प्रणाम करके अखाड़े में प्रवेश करता है। यह परंपरा केवल सम्मान की नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने की भावना को भी मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलवानी की परंपरा शारीरिक ताकत तक सीमित नहीं है। सात्विक जीवन, साधना, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता भी इसका हिस्सा हैं।
जल्द आएगी नई युवा नीति, हर जिले में रोजगार क्षेत्र की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जल्द नई युवा नीति लाने की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा कि इसके तहत युवाओं के लिए कई नए कार्यक्रम और गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की कोचिंग व्यवस्था को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में रोजगार क्षेत्र विकसित करने की योजना है। यहां एक ही स्थान पर युवाओं की स्किलिंग और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
खेल से जुड़कर नशे और मानसिक तनाव से दूर रहेंगे युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे और स्मार्टफोन की अत्यधिक लत से सावधान किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक तनाव से भी बचाने में मदद करती हैं।
उनके मुताबिक, स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है और स्वस्थ युवा ही देश को मजबूत बनाने में बेहतर योगदान दे सकता है। उन्होंने युवाओं से खेलों के साथ जुड़ने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अभी से तैयारी का आह्वान
मुख्यमंत्री ने 2030 में भारत में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स को भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों से अभी से अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू करने को कहा।
यूपी में खेलों के लिए तैयार किया जा रहा पूरा इकोसिस्टम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांव-गांव में खेल का मैदान, ओपन जिम, प्रत्येक विकासखंड में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में स्टेडियम जैसी सुविधाएं विकसित करना है। कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज और उनमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां खेलों से जुड़े पाठ्यक्रम और प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं तथा विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रदेश में रोजगार की व्यवस्था खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। समारोह को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे ने भी संबोधित किया।
ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, श्रीराम चौहान समेत कई जनप्रतिनिधि, खेल विभाग के अधिकारी, खेल संघों के पदाधिकारी और कुश्ती प्रशिक्षक मौजूद रहे।
गोरखपुर के इस आयोजन से मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा—पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान के साथ उनके भविष्य की सुरक्षा भी जरूरी है। सरकारी नौकरी, पुरस्कार राशि, बेहतर खेल सुविधाएं और निजी अकादमियों व अखाड़ों को सहयोग देने की योजना इसी दिशा में सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाती है।










