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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया कोटेदारों का मान, अब कहलाएंगे अन्नपूर्णा भवन संचालक

On: August 17, 2026
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया कोटेदारों का मान
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लखनऊ, 17 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर सोमवार को एक अहम बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारों के नाम और भूमिका को नया सम्मान देते हुए अब उन्हें ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ कहे जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उनके कमीशन में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का दावा है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और उचित मूल्य विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने लोक भवन में राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ‘कोटेदार’ शब्द को लेकर लोगों में नकारात्मक धारणा बन गई थी। उनके मुताबिक, व्यवस्था में गड़बड़ी का खामियाजा कई बार उचित मूल्य विक्रेताओं को भी भुगतना पड़ता था।

अन्नपूर्णा भवन संचालक का बढ़ा कमीशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नपूर्णा भवन संचालकों का कमीशन 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। इसके अलावा केंद्र सरकार को पत्र भेजकर कमीशन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी की सिफारिश भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू होने के बाद उचित मूल्य विक्रेताओं को लेकर लोगों की धारणा में बदलाव आया है। सरकार ने राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़कर इसमें बिचौलियों की भूमिका कम करने की दिशा में काम किया है।

राशन पहुंचाने के लिए अपनाई गई सिंगल डोरस्टेप व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में e-PoS मशीनों की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता लाना और उचित मूल्य की दुकानों तक खाद्यान्न की सीधी आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

उन्होंने बताया कि सरकार ने Single Doorstep Delivery की व्यवस्था पर जोर दिया, जिसके तहत FCI के गोदाम से उचित मूल्य की दुकान तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को सीधे जोड़ा गया। सरकार और उचित मूल्य विक्रेता के बीच अनावश्यक मध्यस्थता को समाप्त करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना गया।

इस व्यवस्था से राशन वितरण की निगरानी पहले के मुकाबले अधिक तकनीकी और डिजिटल हुई है। सरकार का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े पर भी रोक लगाने में मदद मिली है।

अन्नपूर्णा भवनों से मिलेंगे 39 प्रकार के खाद्य उत्पाद

मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों से 39 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उचित मूल्य की दुकानें केवल राशन वितरण केंद्र तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर विभिन्न जरूरी खाद्य सामग्री की बिक्री का माध्यम भी बनेंगी।

इसके साथ ही अन्नपूर्णा भवन संचालकों को कमीशन प्रणाली के तहत सरकार को अपना फीडबैक देने की सुविधा भी मिलेगी। इससे जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं और सुझावों को नीति निर्माण तथा व्यवस्था में सुधार के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

दुकान के साथ बनेगा वेयरहाउस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भवन’ के रूप में विकसित करने की योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए इस वर्ष 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ वेयरहाउस की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खाद्य सामग्री के भंडारण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत करना है।

15 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक लोग निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सरकार की ओर से ऐसे निराश्रित और दिव्यांग लोगों के घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है, जो स्वयं उचित मूल्य की दुकान तक नहीं पहुंच सकते।

उन्होंने कार्यक्रम में लोगों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से प्रदेश के कारीगरों और उद्यमियों को लाभ मिलेगा।

सरकार का फोकस: सम्मान के साथ आर्थिक मजबूती

अन्नपूर्णा भवन संचालक के रूप में नई पहचान देने और कमीशन बढ़ाने का फैसला केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सरकार की कोशिश उचित मूल्य विक्रेताओं को राशन वितरण व्यवस्था का सक्रिय और सम्मानित हिस्सा बनाने की है। डिजिटल निगरानी, सीधे राशन की आपूर्ति, अतिरिक्त बिक्री सुविधाएं और फीडबैक की व्यवस्था—इन सभी कदमों को इसी व्यापक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

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