लखनऊ/10 सितंबर 2026: प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी-112 के गोमती नगर विस्तार स्थित मुख्यालय में पुलिसकर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को बचत, निवेश, रिटायरमेंट प्लानिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
सेमिनार का आयोजन यूपी-112 के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम मुख्यालय परिसर स्थित ‘अभिव्यक्ति हॉल’ (ऑडिटोरियम) में संपन्न हुआ।
वित्तीय साक्षरता के साथ सुरक्षित निवेश पर जोर
यह कार्यक्रम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ ही निवेश के विभिन्न विकल्पों को समझने की जानकारी दी गई।
ड्यूटी की व्यस्तता और अनियमित कार्यप्रणाली के बीच पुलिसकर्मियों के लिए अपने वित्तीय भविष्य की योजना बनाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सेमिनार में बचत को व्यवस्थित करने, निवेश से जुड़े जोखिमों को समझने और बिना पर्याप्त जानकारी के किसी वित्तीय योजना में पैसा लगाने से बचने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता का यह पहलू भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। प्रतिभागियों को संदिग्ध निवेश प्रस्तावों, ऑनलाइन ठगी और साइबर माध्यम से होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत बताई गई।
NSE की विशेषज्ञ ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की दी जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में NSE उत्तर प्रदेश की प्रभारी सीएस श्रुति शर्मा मौजूद रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को स्मार्ट इन्वेस्टमेंट के साथ शेयर बाजार के बुनियादी सिद्धांतों की जानकारी दी।
उन्होंने म्यूचुअल फंड, निवेश संबंधी सावधानियों और रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे विषयों को भी व्यावहारिक तरीके से समझाया। सेमिनार का जोर इस बात पर रहा कि निवेश का फैसला किसी अफवाह, लालच या जल्दबाजी के बजाय सही जानकारी और अपनी वित्तीय जरूरतों को समझकर लिया जाना चाहिए।
वहीं, साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से वित्तीय रूप से जागरूक और साइबर-सुरक्षित समाज तैयार करने की दिशा में ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी माना गया।
पुलिसकर्मियों और सहयोगी संस्थाओं ने लिया हिस्सा
सेमिनार में यूपी-112 मुख्यालय के सभी राजपत्रित अधिकारियों, विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में यूपी-112 की तकनीकी और सहयोगी संस्थाओं मैसर्स बीईएल (BEL) तथा वी विन (We Win) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों को वित्तीय फैसलों से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। पुलिसकर्मियों के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उनकी जिम्मेदारियां मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी होती हैं, जबकि व्यक्तिगत वित्तीय सुरक्षा के लिए भी नियमित योजना और जागरूकता जरूरी है।
डीजीपी ने आयोजन को बताया उपयोगी कदम
सेमिनार के समापन पर यूपी-112 के पुलिस महानिदेशक विनोद कुमार सिंह ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी रोजमर्रा की सेवा और कठिन ड्यूटी में लगातार व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनके कल्याण के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत वित्तीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाना बेहद उपयोगी है।
उन्होंने इस प्रकार के आयोजन को पुलिसकर्मियों के हित में सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि पुलिस कल्याण केवल कार्यस्थल से जुड़ी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत वित्तीय समझ और भविष्य की सुरक्षा भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।









