मेरठ, सोमवार, 21 सितंबर 2026। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में कार्यकर्ताओं को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में उन्होंने संगठन की जमीनी मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति की नियमित समीक्षा करने, प्रभावी टीम तैयार करने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि संगठन की असली ताकत केवल बड़े कार्यक्रमों में नहीं, बल्कि बूथ और परिवार तक उसकी पहुंच में दिखाई देती है।
राष्ट्र प्रथम की भावना से मजबूत करें संगठन
मेरठ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र में भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा। मुख्यमंत्री ने शक्ति केंद्र संयोजकों को पार्टी की जमीनी व्यवस्था का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को ‘मुझे क्या’ की सोच से आगे बढ़कर यह विचार करने का संदेश दिया कि वे देश के लिए क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का सब कुछ देश के लिए होना चाहिए और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए संगठन के काम को आगे बढ़ाना चाहिए।
यूपी के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इन बदलावों की जानकारी समाज के बीच लेकर जाएं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मेरठ की कनेक्टिविटी, नमो भारत और क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
मेरठ में नमो भारत कॉरिडोर और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को क्षेत्र की बदलती तस्वीर से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि विकास के इन कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं और कार्यकर्ताओं को विकास यात्रा से जोड़ने पर भी जोर दिया।
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की बात
योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय अर्थव्यवस्था और उत्पादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाने की जरूरत बताई। मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ जैसे उत्पादों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने से कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
यह बात ऐसे समय कही गई, जब सरकार की ओर से स्थानीय उत्पादों को बाजार और ब्रांडिंग से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
आने वाली पीढ़ी को बताएं क्षेत्र में क्या बदला
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपने आसपास हुए विकास कार्यों को याद रखने और आने वाली पीढ़ी तक उनकी जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने एक्सप्रेसवे, नमो भारत और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख किया।
उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं को अपने समय में हुए बदलावों को समझना चाहिए और समाज के बीच उसकी जानकारी रखनी चाहिए। इससे संगठन और जनता के बीच संवाद भी मजबूत होगा।
महापुरुषों को जाति के दायरे से बाहर देखने का संदेश
मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता के संदर्भ में कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख किया। कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और दुर्गा भाभी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुषों को किसी एक जाति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने वाली सोच से बचने का आह्वान किया। उनके संबोधन में सामाजिक एकता और राष्ट्रीय पहचान को प्रमुखता दी गई।
हर बूथ की समीक्षा और परिवारों तक पहुंच का निर्देश
शक्ति केंद्र संयोजकों के लिए मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का रहा। उन्होंने प्रत्येक बूथ की स्थिति की समीक्षा, प्रभावी टीम के गठन और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया।
साथ ही कार्यकर्ताओं से परिवारों तक पहुंच बनाने और क्षेत्र की जमीनी स्थिति को समझने का आह्वान किया गया। भाजपा की संगठनात्मक व्यवस्था में शक्ति केंद्र और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने निरंतर सक्रियता बनाए रखने पर जोर दिया।
मेरठ में आयोजित यह सम्मेलन भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों की कड़ी का हिस्सा रहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी 21 और 22 सितंबर को मेरठ-सहारनपुर दौरे पर हैं और इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों तथा जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम है।









