लखनऊ/28 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार के तहत सोमवार को 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य दोहराया और कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला शुरू होगा।
1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए चयन प्रक्रिया को समयबद्ध, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए आयोग की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सितंबर के मध्य में हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरित करने और अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति देने का लक्ष्य रखा था। उनके मुताबिक, 20 सितंबर के बाद यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है और अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एक युवक को नौकरी मिलने का असर केवल उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता। पूरे परिवार के लिए यह खुशी का अवसर होता है। उन्होंने इसी भाव को व्यक्त करते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिवारों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं है।
सरकारी नौकरी को लेकर सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान युवाओं के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ और पिछड़े तथा दलित वर्गों को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
योगी ने कहा कि कुछ लोग अब नए नारों और नए स्वरूप के साथ सामने आ रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है और अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में नियुक्ति पत्र बांटे जाते रहेंगे।
2017 से पहले योग्यता के बावजूद नौकरी दूर थी: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी की प्रक्रिया को लेकर युवाओं के मन में आशंका और निराशा रहती थी। उनका दावा है कि योग्य होने के बावजूद जिन युवाओं की पहुंच नहीं थी, उनके लिए सरकारी नौकरी हासिल करना मुश्किल था।
उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कथित भ्रष्टाचार तथा माफिया तंत्र पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां मिल चुकी हैं।
योगी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सही मंच मिले तो यही शक्ति प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास को नई गति दे सकती है।
यूपी में अब माफिया सिर झुकाकर चलता है: मुख्यमंत्री
कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों को डर के माहौल में रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पहले जिस तरह माफिया के प्रभाव की चर्चा होती थी, उसमें बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई माफिया हथियारों के साथ वाहनों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण और कानून का शासन सुनिश्चित करना शामिल है।
यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक दावा है; कार्यक्रम में उन्होंने इसे 2017 के बाद राज्य में आए बदलावों के संदर्भ में प्रस्तुत किया।
भगत सिंह की जयंती पर युवाओं को दिया संदेश
28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में देश के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को प्रदेश के विकास में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास नए विचार, नवाचार और गांवों को बेहतर बनाने का जज्बा होना चाहिए।
योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट के आकार में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ग्राम सचिवालयों से गांवों में बढ़ीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे ग्राम सचिवालयों को गांव के प्रशासनिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पहले ग्राम प्रधानों के लिए अलग कार्यालय की व्यवस्था नहीं थी और कई काम घर से ही संचालित होते थे।
अब ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल और बीसी सखी समेत अन्य कर्मियों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म, निवास और आय प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध होने से लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।
उन्होंने अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप, वेयरहाउस, सामुदायिक शौचालय और उत्सव भवन जैसी व्यवस्थाओं को गांवों में रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्थानीय स्तर पर इन गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत जितनी आय बढ़ाएगी, उतनी अतिरिक्त धनराशि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से पंचायतों को केवल सरकारी धन पर निर्भर न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायतें अपनी जमीन, दुकानों और अन्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके आय के स्रोत बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत जितनी आय अर्जित करेगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा और उत्तर प्रदेश का विकास तभी संभव है जब गांव और ग्राम पंचायतें मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित हों।
बारिश के बीच पीएम-सीएम आवास योजनाओं का किया जिक्र
हाल में हुई भारी बारिश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिले मकानों से उन्हें विपरीत मौसम में सुरक्षा मिली है। उन्होंने दावा किया कि करीब 65 लाख गरीब परिवारों को आवास योजना का लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान तमाम एहतियाती कदम उठाए गए, हालांकि कुछ लोगों की जान भी गई। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
गांवों में नल योजना के साथ प्लंबर प्रशिक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल और गांवों में स्वच्छता को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि गंदगी और दूषित पानी कई बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने हर घर नल योजना के विस्तार की बात कही।
इसी दौरान उन्होंने गांव के युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि अगर किसी घर या गांव में नल की टोंटी खराब हो जाए या चोरी हो जाए तो प्रशिक्षित स्थानीय युवा तुरंत उसकी मरम्मत कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारियों को गांवों में केवल सरकारी योजनाओं को लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी काम करना चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने भर्ती को लेकर लगाया आरोप
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती का विज्ञापन निकलते ही पद के हिसाब से रकम तय किए जाने की बातें सामने आती थीं।
राजभर ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में बिना भेदभाव और बिना लेनदेन के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है।
सूर्य प्रताप शाही बोले- बिना घूसखोरी मिली नौकरी
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। उन्होंने इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश से जोड़ते हुए सरकार की उपलब्धि बताया।
समारोह में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।










