लखनऊ/28 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। यूपी बिजली बिल में अक्टूबर महीने में भी कमी आने की संभावना है। ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (FPPCA) के तहत उपभोक्ताओं को लगातार चौथे महीने राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सितंबर में 7.93 प्रतिशत की राहत के बाद अक्टूबर में भी यह लाभ पांच प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के आकलन के मुताबिक, अक्टूबर के एफपीपीसीए को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की ओर से जल्द आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। हालांकि, अंतिम प्रतिशत की पुष्टि आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही होगी।
यूपी बिजली बिल में लगातार चौथे महीने राहत
एफपीपीसीए बिजली खरीद और ईंधन से जुड़ी लागत में होने वाले बदलाव का समायोजन करने की व्यवस्था है। जब निर्धारित गणना के अनुसार बिजली खरीद लागत में कमी आती है, तो उसका असर उपभोक्ताओं के बिल पर भी पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उपभोक्ताओं को लगातार राहत मिली है। जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और सितंबर में 7.93 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अब अक्टूबर में भी पांच प्रतिशत से अधिक राहत मिलने का अनुमान सामने आया है।
इस तरह जुलाई से अक्टूबर तक लगातार चार महीने उपभोक्ताओं को एफपीपीसीए के स्तर पर राहत मिलने की स्थिति बन रही है।
बिजली खरीद लागत में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की मांग
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि एफपीपीसीए की गणना में पारदर्शिता और नियमानुसार प्रक्रिया सुनिश्चित होना जरूरी है। परिषद इस संबंध में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के समक्ष लगातार अपना पक्ष रख रहा है।
परिषद का कहना है कि बिजली खरीद लागत में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचना उनका वैधानिक अधिकार है। इसी मुद्दे को लेकर परिषद ने नियामक आयोग के सामने एफपीपीसीए की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार कराने की पैरवी की है।
सितंबर में मिली थी 7.93 फीसदी राहत
सितंबर में बिजली उपभोक्ताओं को एफपीपीसीए के तहत 7.93 प्रतिशत की राहत मिली थी। इससे पहले जुलाई में 4.43 प्रतिशत और अगस्त में 2.92 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अक्टूबर के लिए पांच प्रतिशत से अधिक राहत की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अक्टूबर की अंतिम राहत दर अभी आधिकारिक घोषणा पर निर्भर है। यूपीपीसीएल की ओर से एफपीपीसीए की अंतिम दर जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उपभोक्ताओं के बिल में वास्तविक कमी कितनी होगी।
फिलहाल लगातार चौथे महीने राहत की संभावना ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर दी है। खासकर ऐसे समय में जब घरेलू बजट में बिजली का बिल एक नियमित खर्च होता है, बिल में कुछ प्रतिशत की कमी भी उपभोक्ताओं के लिए मायने रखती है।











