नई दिल्ली/15 अक्टूबर 2026: ट्रेन में सफर के दौरान मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अब निगरानी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) के साथ समझौता किया है। इसके तहत ट्रेनों में चलने वाली खानपान सेवाओं और रेलवे स्टेशनों पर मौजूद खानपान इकाइयों का स्वतंत्र ऑडिट किया जाएगा।
इस व्यवस्था की खास बात यह है कि निरीक्षण के दौरान डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल होगा। निरीक्षक मोबाइल एप के जरिए तस्वीरों, समय और जियो-टैगिंग के साथ जांच का रिकॉर्ड तैयार करेंगे। ऑडिट रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर जमा करने की व्यवस्था रखी गई है, ताकि कमियों की पहचान कर संबंधित विक्रेताओं से समय रहते सुधार कराया जा सके।
भारतीय रेलवे में खाने की गुणवत्ता की डिजिटल निगरानी कैसे होगी?
IRCTC और भारतीय गुणवत्ता परिषद के बीच हुए समझौते के तहत प्रमाणित निरीक्षक खानपान इकाइयों की जांच करेंगे। इसमें ट्रेनों में संचालित मोबाइल खानपान इकाइयों और रेलवे स्टेशनों पर मौजूद स्थायी खानपान इकाइयों को शामिल किया जाएगा।
निरीक्षण तिमाही और छमाही आधार पर किया जाएगा। इस दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के पालन की भी जांच होगी।
डिजिटल व्यवस्था के तहत निरीक्षक मोबाइल एप्लिकेशन पर जांच से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें निरीक्षण का समय, संबंधित स्थान की जियो-टैगिंग और तस्वीरों के रूप में साक्ष्य शामिल होंगे। रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर जमा किए जाने से संबंधित अधिकारियों को खामियों पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
रेल यात्रियों के लिए इसका महत्व इसलिए भी है, क्योंकि खानपान से जुड़ी शिकायतों में केवल समस्या सामने आना ही पर्याप्त नहीं होता। जरूरी यह भी है कि कमी कहां मिली, उसका रिकॉर्ड क्या है और उसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
भोजन की सफाई से लेकर खाद्य सामग्री के भंडारण तक होगी जांच
नई व्यवस्था में केवल तैयार भोजन ही नहीं, बल्कि उसे बनाने, रखने और यात्रियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा। खानपान इकाइयों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
निरीक्षण के दौरान इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- भोजन की सुरक्षा: खाना तैयार करने और यात्रियों को परोसने के दौरान स्वच्छता के मानकों की जांच।
- रसोई की साफ-सफाई: स्टेशनों की खानपान इकाइयों और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्रों में सफाई की स्थिति का आकलन।
- खाद्य सामग्री का भंडारण: कच्ची सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखना और शाकाहारी तथा मांसाहारी सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जांच।
- तापमान प्रबंधन: खाद्य सामग्री और तैयार भोजन को उचित तापमान पर रखने की व्यवस्था देखना।
- कीट नियंत्रण: रसोई और भंडारण वाले क्षेत्रों में कीटों से बचाव के उपायों की जांच।
- कर्मचारियों की स्वच्छता और फिटनेस: कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, सुरक्षात्मक उपकरणों के इस्तेमाल और पेशेवर व्यवहार से जुड़े मानकों का निरीक्षण।
- विक्रेताओं की जवाबदेही: डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कमियों की पहचान करना और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी करना।
इन सभी पहलुओं की जांच से खानपान इकाइयों में मौजूद कमियों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने और उनके समाधान की प्रक्रिया को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
24 घंटे में ऑडिट रिपोर्ट, कमियों पर कार्रवाई का रास्ता होगा साफ
इस व्यवस्था में रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा अहम है। निरीक्षण के बाद 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट जमा करने से संबंधित इकाई में मिली कमियों की जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
डिजिटल साक्ष्य होने से निरीक्षण के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना भी आसान होगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किन इकाइयों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है और कहां सुधार की जरूरत है।
हालांकि, रिपोर्ट 24 घंटे में जमा होने का अर्थ यह नहीं है कि हर शिकायत का निपटारा या हर कमी का सुधार भी उसी समयसीमा में पूरा हो जाएगा। वास्तविक परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं की ओर से कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है।
यात्री संतुष्टि सर्वेक्षण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की भी योजना
IRCTC और भारतीय गुणवत्ता परिषद की साझेदारी के तहत भविष्य में यात्री संतुष्टि सर्वेक्षण, खानपान सुविधाओं का ऑडिट और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी शुरू किए जा सकते हैं।
यात्री संतुष्टि सर्वेक्षण से यह समझने में मदद मिल सकती है कि रेल यात्रियों को भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खानपान सेवाओं के बारे में क्या अनुभव हो रहा है। वहीं, कर्मचारियों के प्रशिक्षण से खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी नियमों के पालन को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
इस साझेदारी में भारतीय गुणवत्ता परिषद की भूमिका स्वतंत्र निरीक्षण और गुणवत्ता आकलन से जुड़ी होगी। परिषद को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित देशव्यापी परियोजनाओं का अनुभव है।
IRCTC और भारतीय गुणवत्ता परिषद के अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर
समझौते पर IRCTC के महाप्रबंधक (गुणवत्ता एवं परियोजनाएं) सुधीर वारियर और भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रधान सलाहकार एवं PPID प्रमुख सुब्रतो घोष ने हस्ताक्षर किए।
इस पहल का उद्देश्य रेल यात्रियों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के साथ खानपान सेवाओं की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाना है। डिजिटल रिकॉर्ड, निर्धारित समयसीमा में ऑडिट रिपोर्ट और कमियों पर सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी इस प्रक्रिया के प्रमुख हिस्से होंगे।
कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे में खाने की गुणवत्ता से जुड़ी इस व्यवस्था की सफलता केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। यात्रियों को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब दर्ज की गई कमियों पर प्रभावी कार्रवाई हो और स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा के मानकों का लगातार पालन सुनिश्चित किया जाए।













