प्रयागराज/गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कसारी-मसारी इलाके को अब श्रीकृष्ण पुरी के नाम से पहचान दिलाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पद्मलोक अपार्टमेंट के निर्माण के लिए भूमि पूजन के बाद यह ऐलान किया। यह वही जमीन है, जिसे माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराए जाने की बात कही गई है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए 602 फ्लैट पहले चरण में बनाए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 598 फ्लैट प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रयागराज में कभी माफिया का खौफ था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। सरकार का जोर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ गरीबों को आवास उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर है। कार्यक्रम में उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को भी सख्त चेतावनी दी।
कसारी-मसारी का नाम होगा श्रीकृष्ण पुरी, पद्मलोक अपार्टमेंट में बनेंगे 1200 फ्लैट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कसारी-मसारी क्षेत्र को श्रीकृष्ण पुरी नाम देने की घोषणा पद्मलोक अपार्टमेंट के भूमि पूजन के बाद की। इस आवासीय परियोजना का निर्माण प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) करेगा। परियोजना के लिए करीब 15 बीघा जमीन माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई है।
योजना के मुताबिक, अपार्टमेंट का निर्माण लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा और इस पर करीब 191 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले चरण में 602 फ्लैट बनाए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 598 फ्लैट प्रस्तावित हैं। इस तरह परियोजना के दोनों चरणों में कुल 1,200 फ्लैट तैयार करने की योजना है।
इन आवासों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को घर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को प्रयागराज में हो रहे बदलाव और सरकारी जमीन के जनहित में इस्तेमाल से जोड़कर पेश किया।
अतीक अहमद के पुराने प्रभाव वाले इलाके में विकास परियोजना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का खौफ बताया जाता था। उन्होंने चकिया इलाके का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी माफिया का प्रभाव था, वहां अब गरीब परिवारों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
योगी ने दावा किया कि जिस स्थान पर पद्मलोक अपार्टमेंट बनाया जा रहा है, वहां पहले माफिया ने अपने घोड़ों के लिए अस्तबल बना रखा था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब विकास, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के सत्ता में आने पर माफिया और बदमाशों को बढ़ावा मिलता था, जबकि भाजपा सरकार विकास और बदलाव के लिए काम कर रही है। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।
अपराधियों को रियायत नहीं, जमीन कब्जाने वालों को चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के समय अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाने का संकल्प लिया गया था और सरकार अब भी उसी नीति पर कायम है।
उन्होंने पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या का जिक्र करते हुए पिछली सरकार पर माफिया के सामने कमजोर पड़ने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों को लेकर भी उन्होंने सख्त संदेश दिया। योगी ने कहा कि जो व्यक्ति किसी की जमीन पर कब्जा करेगा, उससे जमीन वापस ली जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर कब्जा करने वालों की अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
श्रीकृष्ण पुरी नाम रखने के पीछे बताई गई यह वजह
कार्यक्रम में विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने कसारी-मसारी क्षेत्र का नाम श्रीकृष्ण पुरी रखने के प्रस्ताव के पीछे स्थानीय नामों और सांस्कृतिक संदर्भों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आसपास द्वारिकापुरी, नंदगांव, राधाकुंज, यमुना कुंज और बरसाना जैसे मोहल्ले हैं।
इन्हीं नामों की पृष्ठभूमि में कसारी-मसारी को श्रीकृष्ण पुरी नाम देने का सुझाव रखा गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में इस नामकरण की घोषणा की। हालांकि, नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया और अधिसूचना की स्थिति की पुष्टि अलग से की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री बोले- बदल चुकी है प्रयागराज की तस्वीर
योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर अब नए स्वरूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बदलाव को अक्षयवट और बड़े हनुमान जी की कृपा से जोड़ते हुए धार्मिक आस्था का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब प्रदेश में नौकरी पाने के अवसर बढ़े हैं। उनके मुताबिक, सरकार रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगी राजकीय आईटीआई
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा से जुड़ी एक अन्य प्रस्तावित परियोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि असरावल कला में लड़के-लड़कियों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बनाने की योजना है।
इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, भू-माफिया के कब्जे से करीब 14 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इस जमीन पर आईटीआई बनाने का प्रस्ताव शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
योगी ने मंच से घोषणा की कि प्रस्तावित आईटीआई का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। इस संस्थान के जरिए युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने और रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम आवास योजना के 500 से अधिक लाभार्थियों को मिली चाबी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों के 500 से अधिक लाभार्थियों को बधाई दी। इस अवसर पर आवंटियों को उनके फ्लैट की चाबियां सौंपी गईं।
मुख्यमंत्री ने मंच से ममता, सिंधू श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरुपम चक्रवर्ती, शंकरलाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पांडेय, हरिशंकर मिश्रा और रंजीता सोनकर को चाबियां प्रदान कीं।
आवास मिलने से लाभार्थियों को अपना घर उपलब्ध कराने की सरकारी योजना का लाभ मिला। कार्यक्रम में इसे गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
पद्मलोक अपार्टमेंट के भूमि पूजन और जनसभा में प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक पूजा पाल, विधायक दीपक पटेल, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक पीयूष रंजन निषाद और एमएलसी सुरेंद्र चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कसारी-मसारी को श्रीकृष्ण पुरी नाम देने की घोषणा, पद्मलोक अपार्टमेंट के निर्माण और महाराजा बिजली पासी के नाम पर आईटीआई बनाने की प्रस्तावित योजना के जरिए प्रयागराज में आवास, तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास से जुड़े मुद्दे कार्यक्रम के केंद्र में रहे।









