राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर के दौरान टोल प्लाजा का शौचालय गंदा मिलता है, तो अब उसकी शिकायत करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ पहल के तहत पात्र शिकायतकर्ता को 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज दिया जाता है। खास बात यह है कि इस योजना की अवधि अब बढ़ाकर 30 जून 2027 कर दी गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी दी थी।
NHAI की क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज योजना क्या है?
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई में सुधार लाने के उद्देश्य से NHAI ने सितंबर 2025 में ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ शुरू किया था। इसके तहत यात्री टोल प्लाजा पर गंदे शौचालय की तस्वीर लेकर संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस पहल में आम लोगों की भागीदारी के जरिए स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी को मजबूत करने की कोशिश की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक करीब 429 यात्रियों को गंदे शौचालयों की रिपोर्ट करने के लिए 1,000-1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज दिया जा चुका है।
कैसे मिलेगा 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज?
इस योजना में भाग लेने के लिए यात्रियों को कुछ आसान प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
1. राजमार्ग यात्रा ऐप का इस्तेमाल करें: अपने मोबाइल में ‘राजमार्ग यात्रा’ (Rajmargyatra) ऐप का नवीनतम संस्करण इस्तेमाल करें।
2. गंदे शौचालय की तस्वीर लें: राष्ट्रीय राजमार्ग के ऐसे टोल प्लाजा पर, जहां शौचालय NHAI के अधिकार क्षेत्र में आता हो, वहां गंदगी मिलने पर उसकी स्पष्ट तस्वीर लें।
3. ऐप पर शिकायत दर्ज करें: तस्वीर जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली होनी चाहिए, ताकि स्थान और तस्वीर लिए जाने का समय सत्यापित किया जा सके।
4. जरूरी जानकारी भरें: शिकायत के साथ अपना नाम, स्थान, मोबाइल नंबर और वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज करें।
5. सत्यापन का इंतजार करें: शिकायत की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर संबंधित वाहन के पंजीकरण नंबर से जुड़े FASTag में 1,000 रुपये का रिचार्ज किया जाएगा।
ध्यान रखें कि केवल तस्वीर अपलोड करने से इनाम मिलने की गारंटी नहीं है। शिकायत का सत्यापन जरूरी है।
इनाम पाने के लिए जान लें जरूरी नियम
NHAI ने योजना के दुरुपयोग को रोकने और शिकायतों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ शर्तें तय की हैं।
- एक वाहन पर एक ही इनाम: योजना की पूरी अवधि में प्रत्येक वाहन पंजीकरण नंबर (VRN) पर केवल एक बार इनाम दिया जाएगा।
- पहली सही शिकायत को प्राथमिकता: एक ही दिन में किसी शौचालय के संबंध में कई शिकायतें मिलने पर राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से भेजी गई पहली वैध रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
- तस्वीर असली और स्पष्ट हो: फोटो जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली होनी चाहिए। डुप्लिकेट, एडिट की गई या पुरानी तस्वीरों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- सत्यापन अनिवार्य: शिकायतों की जांच AI आधारित स्क्रीनिंग और जरूरत पड़ने पर मैन्युअल सत्यापन के जरिए की जाएगी।
- इनाम नकद नहीं मिलेगा: 1,000 रुपये की राशि केवल FASTag रिचार्ज के रूप में दी जाएगी। इसे नकद नहीं लिया जा सकता और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकता है।
किन शौचालयों की शिकायत पर मिलेगा इनाम?
यह योजना सभी हाईवे शौचालयों पर लागू नहीं होती। इसका लाभ केवल उन्हीं शौचालयों की पात्र शिकायतों पर मिल सकता है, जो NHAI के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या जिनका निर्माण, संचालन अथवा रखरखाव प्राधिकरण के अंतर्गत होता है।
पेट्रोल पंप, सड़क किनारे स्थित ढाबों और NHAI के नियंत्रण से बाहर की अन्य सुविधाओं के शौचालय इस योजना में शामिल नहीं हैं।
इसलिए तस्वीर लेने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित शौचालय योजना के दायरे में आता है।
हाईवे पर सफर को बेहतर बनाने की कोशिश
क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज, राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुविधाएं बेहतर करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। सड़क के गड्ढों की मरम्मत, टोल प्लाजा पर साफ-सफाई, सड़क सुरक्षा संकेतकों में सुधार, फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण और राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इस पहल में यात्रियों की भूमिका भी अहम है। सफर के दौरान मिलने वाली खराब सुविधाओं की सही जानकारी संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचने से व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश बढ़ती है। हालांकि, शिकायत करते समय नियमों का पालन करना और वास्तविक स्थिति की ही तस्वीर भेजना जरूरी है।
योजना की अंतिम तारीख: 30 जून 2027
इनाम: 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज
शिकायत का माध्यम: राजमार्ग यात्रा (Rajmargyatra) ऐप












