मुंबई/19 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी मुंबई से निकलकर सूरत पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए राजस्थान की ओर रवाना हुए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी तलाश की और उन्हें कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया।
बताया गया है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पुलिस ने 20 विशेष टीमों का गठन किया था। जांच में कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और यात्रा के रास्ते का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया।
टाइगर श्रॉफ पर हमला: फुटबॉल क्लब के बाहर हुई गोलीबारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित एक फुटबॉल क्लब के बाहर गोलीबारी की घटना हुई। बताया गया कि टाइगर श्रॉफ क्लब से बाहर निकल रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार के पास फायरिंग शुरू कर दी।
घटना के सामने आए वीडियो में कथित तौर पर दो हमलावरों को गोली चलाते देखा गया। इस दौरान अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी दी गई है।
वारदात के बाद हमलावर मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी।
अंधेरी में मिली बाइक, CCTV से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास एक मोटरसाइकिल मिलने की जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि इसी बाइक का इस्तेमाल कथित हमलावरों ने वारदात के बाद भागने के लिए किया था।
इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि आरोपी सड़क मार्ग से सूरत पहुंचे थे। वहां से उन्होंने ट्रेन के जरिए राजस्थान जाने का रास्ता चुना।
पुलिस की जांच में यह भी दावा किया गया है कि हमलावरों को इस वारदात के लिए 50 हजार रुपये अग्रिम भुगतान के तौर पर मिले थे। हालांकि, इस रकम और हमले के पीछे की कथित साजिश की पूरी जानकारी आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट होगी।
सिग्नल और टेलीग्राम के जरिए संपर्क करने का दावा
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, आरोपी आपस में बातचीत करने और लोकेशन साझा करने के लिए सिग्नल तथा टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।
ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस इन जानकारियों के आधार पर आरोपियों के संपर्कों, यात्रा के रास्ते और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर सकती है।
कोटा रेलवे स्टेशन पर कैसे हुई गिरफ्तारी?
बताया गया है कि मुंबई क्राइम ब्रांच से सूचना मिलने के बाद राजस्थान पुलिस और एजीटीएफ ने कोटा रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की। आरोपी कथित तौर पर पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में यात्रा कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के सुबह 10:17 बजे कोटा स्टेशन पहुंचने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मुंबई से शुरू हुई तलाश राजस्थान में जाकर समाप्त हुई।
फिलहाल मामले में आरोपियों की कथित भूमिका, हमले के पीछे की वजह और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जांच किए जाने की बात कही गई है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: इस घटना से जुड़ी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले मुंबई पुलिस, राजस्थान पुलिस या विश्वसनीय समाचार एजेंसियों के आधिकारिक अपडेट से सत्यापित करना जरूरी है। यहां दिए गए विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य के बजाय शुरुआती रिपोर्टों में किए गए दावों के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।













