गोरखपुर/19 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयदशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए त्योहारों के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्वों का उत्साह बना रहना चाहिए, लेकिन इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विजयदशमी को अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक बताते हुए समाज से बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन अनुष्ठान के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवरात्र और विजयदशमी केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये पर्व व्यक्तिगत जीवन से लेकर समाज और राष्ट्र तक में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देते हैं।
विजयदशमी पर CM योगी की अपील: सुरक्षा और अनुशासन को न भूलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों को उत्साह और उमंग के साथ मनाना चाहिए, लेकिन सुरक्षा के प्रति सजग रहना भी जरूरी है। उन्होंने नशा, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों से समाज को मुक्त करने का संदेश दिया।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, विजयदशमी का पर्व व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में मौजूद विकारों को छोड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाज की एकता को कमजोर करने और राष्ट्र को बांटने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ लोगों को एकजुट रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्वों के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लेने का भी आह्वान किया।
सनातन परंपरा में नारी शक्ति के सम्मान पर जोर
शारदीय नवरात्र की महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। वर्ष में दो बार मनाए जाने वाले वासंतिक और शारदीय नवरात्र के दौरान मां भगवती की आराधना तथा कन्या पूजन इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने गोरक्षपीठ में कन्या पूजन करने को अपना सौभाग्य बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी की गरिमा के विपरीत आचरण करने की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख किया।
मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान भारतीय परंपरा में नारी सम्मान की भावना से प्रेरित है। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के थानों में महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिलाओं की सहायता के लिए 1090 वीमेन पावर लाइन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। महिला बीट पुलिस अधिकारियों के माध्यम से महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने केंद्र सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित महिलाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कन्या सुमंगला योजना से सामूहिक विवाह तक, योजनाओं का जिक्र
महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत 25,000 रुपये की सहायता का जिक्र किया। साथ ही, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न होने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को पुलिस सेवा में अवसर देने के लिए भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार, वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में लगभग 10,000 महिला कर्मी थीं, जबकि अब इनकी संख्या करीब 45,000 हो गई है।
उन्होंने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 54,000 बीसी सखियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। इसके अलावा ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों को महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
विंध्यवासिनी धाम समेत शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र के दौरान प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विंध्यवासिनी धाम में नए कॉरिडोर के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, रविवार को विंध्यवासिनी धाम में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया था। उन्होंने सोमवार को भी वहां 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी। इसके अलावा देवीपाटन शक्तिपीठ, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी मंदिर और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का उल्लेख किया।
इन आंकड़ों को प्रशासनिक रूप से सत्यापित करना जरूरी है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में दैनिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी का आकलन संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकता है।
विजयदशमी पर सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 45,000 स्थानों पर दुर्गा पूजा के पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों और देवी मंदिरों में सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। त्योहार के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात सुचारु बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी और विजयदशमी के अवसर पर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, नारी सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से त्योहारों को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने, बुराइयों से दूर रहने और महिलाओं की गरिमा का सम्मान करने की अपील की। साथ ही, विजयदशमी के आयोजनों के दौरान सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया।









