राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

यूपी में डीएम-एसडीएम के तबादलों पर रोक, विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

On: October 21, 2026
Follow Us:
यूपी में डीएम-एसडीएम के तबादलों पर रोक
---Advertisement---

लखनऊ/21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के तबादलों को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के दौरान जिला मजिस्ट्रेट (DM), उपजिलाधिकारी (SDM), तहसीलदार और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों का तबादला आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

यूपी में डीएम-एसडीएम के तबादलों पर क्यों लगी रोक?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानकर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों को खाली नहीं रखा जाएगा।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और पुनरीक्षण कार्य में लगे अन्य अधिकारियों के स्थानांतरण से पहले आयोग की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

12 नवंबर से 4 जनवरी तक चलेगी मतदाता सूची की प्रक्रिया

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम, पते और अन्य विवरणों में सुधार कराने के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

  • 12 नवंबर 2026: मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन।
  • 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि।
  • 28 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियों के निस्तारण की निर्धारित समयसीमा।
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवा भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना नहीं होगा तबादला

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन से जुड़े अधिकारी निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, निगरानी और अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं।

इसी कानूनी व्यवस्था के तहत पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के तबादलों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, अपात्र नाम हटाने और विवरणों में संशोधन का काम निर्धारित समय पर पूरा हो सके।

विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पर आयोग का जोर

विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना बेहद महत्वपूर्ण है। नाम, पता या अन्य विवरणों में त्रुटि होने से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में निर्वाचन आयोग की यह व्यवस्था पुनरीक्षण प्रक्रिया में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने पर केंद्रित है।

मतदाताओं को भी सलाह है कि प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। किसी प्रकार की गलती या नाम छूटने की स्थिति में निर्धारित समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now