नई दिल्ली/22 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ हुई बातचीत के बाद स्पष्ट किया कि भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा। दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की तीन दिवसीय भारत यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए कई अहम फैसले ले रहे हैं। दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक सहयोग को व्यापक बनाने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी है। उन्होंने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ मिलकर इन क्षेत्रों में विकास और उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनाई है। हम पोलैंड की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर विकास और उत्पादन (को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन) के काम में शामिल हों।”
इस पहल से दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, औद्योगिक साझेदारी और निवेश के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं हैं। खासकर रक्षा और अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त विकास तथा उत्पादन पर जोर देना दोनों देशों के रिश्तों को आर्थिक सहयोग से आगे ले जाने की दिशा में अहम कदम हो सकता है।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति का समर्थन करेगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन में विश्वास रखते हैं। दोनों देश यह भी मानते हैं कि वैश्विक शासन संस्थाओं को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।
यूक्रेन में जारी संघर्ष और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत का यह रुख कूटनीतिक संवाद तथा शांति प्रयासों के प्रति उसके समर्थन को रेखांकित करता है। भारत ने दोनों क्षेत्रों में शांति की दिशा में होने वाली सार्थक पहलों को समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
भारत और यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड की बढ़ती आर्थिक साझेदारी ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है।
व्यापार, निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बेहतर संभावनाएं भारत-पोलैंड संबंधों को नई गति दे सकती हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को व्यापक बनाने की कोशिश ऐसे समय में हो रही है, जब भारत यूरोप के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क की बातचीत से यह संकेत मिला कि भारत और पोलैंड शांति, लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक सहयोग के साझा आधार पर अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं।













