राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपितों से 6.30 घंटे में 120 सवाल, दो मोबाइल की तलाश जारी

On: October 22, 2026
Follow Us:
शिवा शर्मा हत्याकांड, श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपितों से 6.30 घंटे में 120 सवाल
---Advertisement---

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026। शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश उर्फ तनवीर से गुरुवार को करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। नागपुर से गिरफ्तार कर लाए गए तीनों आरोपितों से पुलिस टीम ने अलग-अलग 120 सवाल पूछे और उनके क्रॉस बयान दर्ज किए। पुलिस अब गायब दो मोबाइल फोन की तलाश करने के साथ ही आरोपितों की फरारी के दौरान उन्हें मदद पहुंचाने वालों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय समेत दस सदस्यीय टीम ने हजरतगंज थाने में पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने घटना के संबंध में एक जैसे बयान दिए हैं। हालांकि, उनके बयानों की पुष्टि के लिए दूसरे साक्ष्यों और बरामद सामान की जांच की जा रही है।

शिवा शर्मा हत्याकांड: तीनों आरोपितों से अलग-अलग पूछताछ

पुलिस टीम गुरुवार सुबह 9:45 बजे तीनों आरोपितों को लेकर हजरतगंज थाने पहुंची। इसके बाद उन्हें डीसीपी मध्य के सर्विलांस रूम में बैठाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस ने पहले तीनों के बयान अलग-अलग दर्ज किए और फिर उनके जवाबों का मिलान किया।

पूछताछ के दौरान श्रद्धा दुबे ने बताया कि आठ अक्टूबर की रात सभी लोग बाहर घूम रहे थे। अगले दिन सुबह करीब सात बजे फ्लैट पर लौटने के बाद सभी सो गए। उसके मुताबिक, शाम करीब चार बजे नींद से उठने पर शिवा शर्मा से विवाद हुआ, जिसके बाद शिवा कमरे से निकलकर बालकनी की ओर चले गए और वहां से गिरकर उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, रश्मि दुबे और दानिश उर्फ तनवीर ने भी घटना के बारे में इसी तरह की बात कही। अब जांच टीम इन बयानों की अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

फरारी के दौरान नेपाल में गिरने की बात कहे दो मोबाइल

पूछताछ में पुलिस ने श्रद्धा दुबे से यह भी पूछा कि वह घटना के बाद फरार क्यों हुई थी। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने बताया कि उसे जेल जाने का डर था, इसलिए वह भाग गई थी।

इसके अलावा, श्रद्धा के दो मोबाइल फोन के बारे में भी सवाल किए गए। उसने कथित तौर पर बताया कि फरारी के दौरान नेपाल जाते समय दोनों फोन गिर गए थे। इनमें एक फोन उसका और दूसरा उसकी बहन का बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं, जबकि दो अन्य मोबाइल फोन अभी नहीं मिले हैं। बरामद मोबाइल और दूसरे सामान को सील कर दिया गया है। उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। गायब फोन की तलाश के लिए भी टीम लगाई गई है।

नेपाल से आगरा और फिर नागपुर पहुंची थी श्रद्धा

पुलिस की जांच में श्रद्धा दुबे की फरारी के दौरान कई शहरों में आवाजाही की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वह लखनऊ से नेपाल गई, फिर रायबरेली होते हुए आगरा पहुंची। वहां करीब 12 घंटे रुकने के बाद लखनऊ लौटी।

इसके बाद उसने कथित तौर पर मुकदमे से संबंधित कार्रवाई के लिए अदालत में पेश होने के उद्देश्य से फोटो और एफिडेविट तैयार कराया। फिर एक समाचार एजेंसी को बयान देने के बाद कानपुर पहुंची।

कानपुर में होटल में ठहरने के दौरान पहचान पत्र मांगे जाने पर वह वहां से टैक्सी लेकर नागपुर चली गई। वहां उसने ऑनलाइन फ्लैट किराये पर लिया। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट के वाई-फाई से कनेक्ट होने के बाद उसकी लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली और नागपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

जांच एजेंसियां फरारी के दौरान इस्तेमाल की गई टैक्सियों, ठहरने के स्थानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों को किन लोगों ने मदद दी थी।

टैक्सी और सिम उपलब्ध कराने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस श्रद्धा दुबे की फरारी में कथित तौर पर मदद करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुबग्गा निवासी आमिर की तलाश की जा रही है, जिस पर श्रद्धा को टैक्सी और सिम उपलब्ध कराने का संदेह है। वहीं, लाटूश रोड निवासी आमिर से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब तक सात लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच टीम इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का जोर फरारी के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और आरोपितों के संपर्कों का पता लगाने पर है।

शिवा शर्मा की मौत के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

  • 9 अक्टूबर 2026: प्राग नारायण रोड पर बालू अड्डा चौराहे के पास अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हुई। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले विवाद हुआ था।
  • 10 अक्टूबर 2026: शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे, दानिश उर्फ तनवीर और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
  • जांच के दौरान: शव की चिकित्सकीय जांच में 11 चोटें मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने घर में काम करने वाली महिला समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
  • 20 अक्टूबर 2026: श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश उर्फ तनवीर को नागपुर से गिरफ्तार किया गया।
  • गिरफ्तारी के बाद: अदालत से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस तीनों को नागपुर से लखनऊ लेकर आई।
  • 22 अक्टूबर 2026: हजरतगंज थाने में तीनों से करीब साढ़े छह घंटे पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और गायब फोन की तलाश जारी है।

अभी जारी रहेगी पड़ताल, फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी नजर

शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस अब तक सामने आए बयानों, मोबाइल फोन और फरारी के दौरान हुई गतिविधियों की जांच कर रही है। बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच से डिजिटल साक्ष्य जुटाने में मदद मिल सकती है। वहीं, गायब मोबाइल फोन और आरोपितों को कथित तौर पर मदद देने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिलने पर जांच को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

फिलहाल, तीनों आरोपितों के बयान जांच का एक हिस्सा हैं। घटना की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

UP में रोजगार की नई राह खोलेगा Blue DotsAI

UP में रोजगार की नई राह खोलेगा ‘Blue DotsAI’, योगी सरकार सभी 18 मंडलों में करेगी विस्तार

कानपुर, बच्चियों के हुनर से प्रभावित हुईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल

कानपुर: बच्चियों के हुनर से प्रभावित हुईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, बोलीं- बाजार तक पहुंचाएं हाथों से बने उत्पाद

यूपी MLC चुनाव, 23 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी

यूपी MLC चुनाव: 23 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी, पात्र निजी कर्मचारियों को भी मिलेगा सवेतन अवकाश

पदक जीतने पर सीएम योगी ने सुहास एलवाई और सुवर्णा राज को दी बधाई

एशियन पैरा गेम्स 2026 में यूपी का जलवा, सुहास एलवाई के कांस्य और सुवर्णा राज के स्वर्ण पर सीएम योगी ने दी बधाई

यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की युवाओं को सलाह

गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, लेकिन जिम्मेदारी से पीछे हटना गलत: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की युवाओं को सलाह

यूपी में डीएम-एसडीएम के तबादलों पर रोक

यूपी में डीएम-एसडीएम के तबादलों पर रोक, विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला