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वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गैंजेस’ एयर शो की सफलता में 4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट की अहम भूमिका

On: October 25, 2026
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वाराणसी में विंग्स ओवर गैंजेस एयर शो की सफलता
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वाराणसी/25 अक्टूबर 2026: वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन ‘विंग्स ओवर गैंजेस’ में आसमान में विमानों के करतब दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। लेकिन इस आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जमीन पर भी एक महत्वपूर्ण मोर्चा संभाला गया। भारतीय सेना की 4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट ने विश्वसनीय संचार नेटवर्क तैयार कर विमानकर्मियों, ग्राउंड कंट्रोलरों और आयोजन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम योगदान दिया।

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित ‘विंग्स ओवर गैंजेस’ ने काशी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में सैन्य विमानन की क्षमता और कौशल को प्रदर्शित किया। इतने बड़े आयोजन में सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान और विभिन्न टीमों के बीच तालमेल बनाए रखना बेहद जरूरी था।

विंग्स ओवर गैंजेस एयर शो में कैसे संभाली गई संचार व्यवस्था?

हवाई प्रदर्शन के दौरान विमानकर्मियों, ग्राउंड कंट्रोलरों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना आयोजन की अहम जरूरत थी। इसके लिए 4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट ने बहुस्तरीय संचार नेटवर्क स्थापित किया।

इस नेटवर्क में वैकल्पिक संचार व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क बनाए रखने और सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिल सके। वॉयस और डेटा संचार की इस व्यवस्था ने आयोजन से जुड़े अलग-अलग दलों के बीच तालमेल बनाए रखने में भूमिका निभाई।

गंगा तट तक बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी

आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी और विभिन्न एजेंसियों की परिचालन जरूरतों को देखते हुए संचार नेटवर्क की क्षमता तथा विश्वसनीयता महत्वपूर्ण थी।

रेजिमेंट ने स्थानीय नागरिक प्रशासन के समन्वय से गंगा तट पर स्थित आयोजन स्थलों तक समर्पित ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की। इससे आयोजन के लिए जरूरी संचार सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिली।

इस तरह की व्यवस्था बड़े सार्वजनिक आयोजनों में विशेष महत्व रखती है, जहां कई टीमें एक साथ काम करती हैं और समय पर सूचना पहुंचना जरूरी होता है।

भारतीय सेना और वायुसेना के बीच समन्वय का उदाहरण

‘विंग्स ओवर गैंजेस’ में 4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट की भूमिका ने यह रेखांकित किया कि किसी बड़े हवाई प्रदर्शन की सफलता केवल विमानों के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करती। इसके पीछे संचार, तकनीकी तैयारी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण होता है।

रेजिमेंट की योजना, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क ने आयोजन के दौरान संचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया। भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और नागरिक प्रशासन के बीच तालमेल ने इस आयोजन के संचालन में सहयोग किया।

काशी में सफल आयोजन के पीछे तकनीकी तैयारी की अहम भूमिका

वाराणसी में आयोजित इस हवाई प्रदर्शन ने सैन्य विमानन की क्षमता के साथ-साथ उसके पीछे काम करने वाली तकनीकी टीमों के योगदान को भी सामने लाया। आसमान में विमानों का प्रदर्शन दर्शकों को दिखाई देता है, लेकिन उसके सुचारु संचालन के लिए जमीन पर संचार नेटवर्क और समन्वय की व्यवस्था लगातार काम करती है।

4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट का योगदान इसी तैयारी का हिस्सा रहा। विश्वसनीय संचार नेटवर्क, वैकल्पिक व्यवस्थाओं और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी के माध्यम से रेजिमेंट ने आयोजन से जुड़ी टीमों के बीच संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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