वडोदरा, गुजरात/25 अक्टूबर 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 रन से जीत दर्ज की। वडोदरा में खेले गए मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने 126 रन की दमदार पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने नाबाद 106 रन बनाकर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया और जिम्बाब्वे की टीम 207 रन पर सिमट गई।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए थे। जवाब में जिम्बाब्वे की महिला टीम 48.5 ओवर में 207 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हरमनप्रीत कौर को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
IND W vs ZIM W: भारत की शुरुआत बिगड़ी, फिर हरमनप्रीत और प्रतीका ने संभाली पारी
वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। स्मृति मंधाना पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम दबाव में आ गई थी।
ऐसे समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 124 रन जोड़े और भारत को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। प्रतीका ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनकी पारी ने बड़े स्कोर की नींव तैयार की।
हरमनप्रीत कौर ने जड़ा वनडे करियर का आठवां शतक
हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर बड़े मैच में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। उन्होंने 121 गेंदों पर 126 रन बनाए और अपनी पारी में 15 चौके लगाए। उनकी बल्लेबाजी में ऑफ साइड के आकर्षक शॉट और शानदार कवर ड्राइव देखने को मिले।
हरमनप्रीत को पारी के दौरान किस्मत का भी साथ मिला और उनके कैच तीन बार छूटे। उन्होंने इसका फायदा उठाते हुए पारी को शतक तक पहुंचाया। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा।
प्रतीका रावल के आउट होने के बाद भी हरमनप्रीत ने रन बनाने की गति बनाए रखी। हालांकि, बीच के ओवरों में कुछ विकेट गिरने से भारतीय पारी पर दबाव बना, लेकिन दीप्ति शर्मा के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
दीप्ति शर्मा का नाबाद शतक, भारत ने बनाए 328 रन
दीप्ति शर्मा ने पारी के अंतिम हिस्से में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए और 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का दूसरा शतक रहा।
हरमनप्रीत और दीप्ति ने पांचवें विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी की। दोनों की बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 300 रन का आंकड़ा पार किया और निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए।
भारतीय पारी के प्रमुख स्कोर इस प्रकार रहे:
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| हरमनप्रीत कौर | 126 | 121 |
| दीप्ति शर्मा | 106* | 86 |
| प्रतीका रावल | 61 | 67 |
| शेफाली वर्मा | 8 | 8 |
| ऋचा घोष | 7 | 9 |
*नाबाद। भारत का कुल स्कोर: 328/6, 50 ओवर।
वैष्णवी शर्मा की फिरकी में फंसा जिम्बाब्वे
329 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उसकी पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। वैष्णवी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट झटके। दीप्ति शर्मा ने भी बल्ले के बाद गेंद से योगदान दिया और 9 ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।
इसके अलावा सयाली सातघरे, जिंतिमणि कलिता और श्री चरणी को एक-एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और जिम्बाब्वे की टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई।
मोडेस्टर मुपाचिकवा और चिपो ने किया संघर्ष
जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिकवा ने 70 गेंदों पर 49 रन बनाए। वह अर्धशतक से केवल एक रन दूर रह गईं। चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 57 गेंदों पर 46 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा दूसरे खिलाड़ियों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से लक्ष्य तक पहुंचना जिम्बाब्वे के लिए मुश्किल होता गया।
जिम्बाब्वे की टीम 207 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 121 रन से जीत लिया।
भारत ने 2-0 से जीती सीरीज, अब तीसरे वनडे पर नजर
दूसरे वनडे में जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। पहले मुकाबले में भी भारत ने जिम्बाब्वे को हराया था। अब टीम की नजर तीसरे और अंतिम वनडे में भी जीत के साथ सीरीज का समापन करने पर रहेगी।
इस मुकाबले में भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी और गेंदबाजी का एक साथ चलना रहा। शुरुआती झटकों के बाद हरमनप्रीत और प्रतीका ने पारी को संभाला, दीप्ति ने नाबाद शतक लगाकर बड़े स्कोर तक पहुंचाया और फिर वैष्णवी तथा दीप्ति की गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की चुनौती समाप्त कर दी।












