लखनऊ/27 अक्टूबर 2026: भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने वनडे क्रिकेट में वापसी की संभावनाओं को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में लौटे भुवी ने साफ किया कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य को लेकर ज्यादा आगे की योजना नहीं बना रहे हैं। फिलहाल उनका ध्यान घरेलू क्रिकेट खेलते रहने पर है।
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मैच के बाद वनडे टीम में वापसी को लेकर सवाल पूछे जाने पर भुवनेश्वर ने कहा कि भारत के लिए दोबारा खेलना शानदार अनुभव है, लेकिन वह भविष्य के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। उनके इस बयान के बाद वनडे प्रारूप में उनकी वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भुवनेश्वर कुमार की वनडे में वापसी पर क्या बोले भुवी?
भुवनेश्वर कुमार ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर कहा कि वह फिलहाल ज्यादा आगे की नहीं सोच रहे हैं। उनका इरादा घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहने का है।
उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन प्रतियोगिताओं में खेलना जारी रखेंगे।
भुवी के इस रुख से साफ है कि वह फिलहाल अपने प्रदर्शन और क्रिकेट में सक्रिय बने रहने पर ध्यान देना चाहते हैं। वनडे टीम में वापसी का रास्ता उनके लिए कितना खुलता है, यह आने वाले समय में उनके प्रदर्शन और चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार
भुवनेश्वर कुमार ने पिछले साल उत्तर प्रदेश की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। यह घरेलू टी20 प्रतियोगिता है। अब भारतीय टी20 टीम में वापसी के बाद उनके करियर को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
भुवनेश्वर को स्विंग गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता के लिए जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका अनुभव भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए उपयोगी रहा है। हालांकि, लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद दोबारा जगह बनाना आसान नहीं होता।
ऐसे में घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्या वनडे विश्व कप से पहले मिल सकता है मौका?
अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए भुवनेश्वर कुमार की वापसी को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे विश्व कप की योजनाओं में शामिल करने के संबंध में कोई संकेत दिया है या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
भुवनेश्वर ने इस साल विजय हजारे ट्रॉफी जैसे 50 ओवर के प्रारूप में खेलने का फैसला किया है। घरेलू वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन चयन की संभावनाओं के आकलन में अहम भूमिका निभा सकता है।
लेकिन केवल घरेलू प्रतियोगिता में हिस्सा लेना राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की गारंटी नहीं है। इसके लिए प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
तेज गेंदबाजों की चोट के बीच भुवी पर रहेंगी नजरें
भारतीय तेज गेंदबाजों के चोटिल होने की समस्या के बीच अनुभवी गेंदबाजों के विकल्पों पर भी ध्यान दिया जा सकता है। भुवनेश्वर कुमार के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव है, लेकिन टीम में वापसी के लिए उन्हें अपनी मौजूदा लय और फिटनेस साबित करनी होगी।
हाल के तीन टी20 मैचों में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने की बात सामने आई है। ऐसे में वनडे प्रारूप में वापसी के लिए उन्हें गेंदबाजी में निरंतरता दिखानी होगी।
फिलहाल भुवनेश्वर कुमार ने अपने भविष्य को लेकर कोई बड़ा दावा नहीं किया है। उनका जोर घरेलू क्रिकेट खेलने और अपने खेल पर ध्यान देने पर है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय हजारे ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन भारतीय वनडे टीम में वापसी की संभावनाओं को कितना मजबूत करता है।













