लखनऊ/7 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके बाद कर्मचारियों को अब 60 प्रतिशत के बजाय 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। शासनादेश शनिवार, 7 नवंबर को जारी किया गया है। नवंबर के नियमित वेतन के साथ बढ़े हुए डीए का भुगतान किया जाएगा। वहीं, जुलाई से अक्टूबर तक के एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने अलग-अलग कर्मचारी वर्गों के लिए व्यवस्था तय की है।
यूपी डीए बढ़ोतरी से लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। डीए में बढ़ोतरी का लाभ केवल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य पात्र कर्मचारी वर्गों को भी मिलेगा।
सरकार ने नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों के साथ कार्यप्रभारित कर्मचारियों तथा यूजीसी वेतनमान पर कार्यरत पदधारकों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है।
चार महीने के एरियर के भुगतान का क्या है नियम?
यूपी डीए बढ़ोतरी के साथ ही सरकार ने 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक के बकाये यानी एरियर के भुगतान की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी है। कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर का भुगतान उनकी पेंशन योजना और सेवा श्रेणी के आधार पर किया जाएगा।
सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से जुड़े कर्मचारियों के एरियर की राशि आयकर और सरचार्ज की कटौती के बाद निर्धारित सीमा के अंतर्गत उनके भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। यह धनराशि 1 नवंबर 2027 तक खाते में जमा रहेगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में अंतिम प्रत्याहरण से संबंधित नियम लागू होंगे।
इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को तत्काल नकद भुगतान के बजाय भविष्य के लिए बचत का लाभ भी मिलेगा।
NPS कर्मचारियों के लिए डीए एरियर की व्यवस्था
राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने एरियर भुगतान की व्यवस्था स्पष्ट की है। इसके तहत:
- एरियर की 10 प्रतिशत राशि कर्मचारी के टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी।
- राज्य सरकार नियोक्ता के रूप में एरियर की 14 प्रतिशत राशि के बराबर अंशदान टियर-1 खाते में जमा करेगी।
- शेष 90 प्रतिशत राशि पीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी अथवा राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) के रूप में दी जाएगी।
- एनएससी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित राशि नकद प्रदान की जाएगी।
इस व्यवस्था से कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के बकाये का लाभ उनकी मौजूदा पेंशन योजना के नियमों के अनुसार मिलेगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरा एरियर नकद मिलेगा
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के फैसले के साथ सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी राहत दी है। शासनादेश जारी होने से पहले जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो 1 जुलाई 2026 से शासनादेश जारी होने की तारीख के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं या अगले छह महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते के बकाये की पूरी धनराशि नकद दी जाएगी।
इस फैसले से उन कर्मचारियों को विशेष लाभ मिलेगा, जिनके पास सेवानिवृत्ति के बाद नियमित वेतन पाने का विकल्प नहीं रहेगा। ऐसे कर्मचारियों को एरियर के लिए भविष्य निधि खाते में राशि जमा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दीपावली पर कर्मचारियों को मिली आर्थिक राहत
महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि से कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा होगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला कर्मचारियों के घरेलू बजट को कुछ राहत देने वाला माना जा रहा है।
सरकार ने डीए की नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी करते हुए नवंबर के नियमित वेतन में भुगतान का प्रावधान किया है। इसके साथ ही एरियर भुगतान के लिए जीपीएफ, एनपीएस और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों को ध्यान में रखा गया है।









