अयोध्या (रविवार, 8 नवंबर 2026)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और ‘जय श्रीराम’ बोलने पर कोई लाठी-डंडे नहीं चला सकेगा। पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या के वैभव को लूटने और बदनाम करने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को रामघाट हाल्ट के निकट निषाद बस्ती में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान सीएम योगी ने सफाईकर्मियों, नाविकों, माझियों, निषाद समाज और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया। उन्होंने दीपावली का उपहार भेंट करते हुए सभी को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
‘अयोध्या पर किसी मंथरा और मारीच की कुदृष्टि न पड़े’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को संकल्प लेना चाहिए कि आने वाले समय में अयोध्या पर किसी मंथरा और मारीच की कुदृष्टि न पड़े। उन्होंने पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा को आस्था और संकल्प का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन परंपराओं पर अब कोई रोक नहीं लगा सकेगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। शहर की गरिमा और पहचान को बनाए रखने के लिए हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।
दीपोत्सव के बाद घाटों की स्वच्छता पर सफाईकर्मियों की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के दौरान 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हुए और देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसके बावजूद सुबह जब वह बाहर निकले तो घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए। कहीं गंदगी, अव्यवस्था या अराजकता नहीं थी।
उन्होंने इसका श्रेय सफाईकर्मियों के परिश्रम और सेवाभाव को दिया। सीएम ने कहा कि अयोध्या की पहचान उसकी स्वच्छता और व्यवस्था से भी बनती है। जब कोई व्यक्ति गर्व से कहे कि वह अयोध्या से आया है, तो उसके शहर के प्रति दूसरों के मन में भी सम्मान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
नाविकों और निषाद समाज का योगदान महत्वपूर्ण
योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के दौरान सरयू आरती में नाविकों और माझियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार-रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा और प्रमुख पर्वों पर लाखों श्रद्धालु सरयू में स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नाविकों, माझियों और निषाद समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि अयोध्या की विरासत को आगे बढ़ाने में इनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं के सहयोग से श्रीराम ने राक्षसी शक्तियों के खिलाफ मोर्चाबंदी की और विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में पूरे भारतवर्ष में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया।
योगी ने दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या के झूला मेले जैसे आयोजनों को हजारों वर्ष पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक बताया।
नई अयोध्या के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की अयोध्या को देखकर हर व्यक्ति उत्साहित होता है। सरकार निर्माण कार्य करा सकती है, लेकिन विकास की विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की भी है। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और संरक्षण सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि नई अयोध्या के निर्माण में पार्षदों, सफाईकर्मियों, माझियों और प्रत्येक नागरिक का योगदान है। आने वाली पीढ़ियां इस योगदान को याद करेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी से अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।
सफाईकर्मियों, बच्चों, गोताखोरों और पार्षदों का सम्मान
कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण को सम्मानित किया गया। इनमें सफाईकर्मियों के साथ उनके बच्चे भी शामिल रहे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों में पाटेश्वरी नगर की कुंती पांडेय, चित्रगुप्त नगर की मनीषा यादव, लाला लाजपत नगर के रामतीर्थ, कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी और झूलेलाल नगर के अभिनव पांडेय को सम्मान दिया गया।
मां सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोरों सतीश माजी, ब्रजेश माजी, जग्गू माजी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, पवित्रता और विकास को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला के किए दर्शन
दसवें दीपोत्सव-2026 के आयोजन के बाद रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। दिन की शुरुआत उन्होंने संकट मोचन हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन से की।
वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच पूजा-अर्चना करते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के हनुमानगढ़ी पहुंचने पर मंदिर परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। संतों और पुजारियों ने पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेश की निरंतर उन्नति और नागरिकों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
दर्शन के बाद बाहर निकलने पर श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
दीपावली पर प्रदेशवासियों के लिए की मंगलकामना
अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बने रहने की कामना की।
दसवें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बाद मुख्यमंत्री के मंदिरों में दर्शन-पूजन और निषाद बस्ती में दीपावली मिलन समारोह ने रामनगरी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और गरिमामय बनाया।









