नई दिल्ली/08 नवंबर 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शास्त्री का मानना है कि अनुभवी तेज गेंदबाज शमी के अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी थी और उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होना चाहिए था। शास्त्री ने शमी की फिटनेस पर उठाए जा रहे सवालों को भी गलत ठहराया।
शास्त्री के मुताबिक, शमी में अभी भी 30 से 40 विकेट लेने की क्षमता थी। ऐसे में उनका टेस्ट क्रिकेट से विदा होना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा सकता है।
6 नवंबर को मोहम्मद शमी ने लिया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास
मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2026 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। भारतीय तेज गेंदबाजी की मजबूत कड़ी रहे शमी ने अपने टेस्ट करियर में कुल 64 मुकाबले खेले और 229 विकेट हासिल किए।
शमी ने आखिरी बार वर्ष 2023 में भारत के लिए टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद वह भारतीय टेस्ट टीम में वापसी नहीं कर सके। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया।
हालांकि, उनके संन्यास के बाद रवि शास्त्री की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शमी को टेस्ट क्रिकेट में वापसी का अवसर मिलना चाहिए था?
‘पिछले 12 महीनों में शमी को खेलना चाहिए था’
रवि शास्त्री का मानना है कि मोहम्मद शमी को पिछले 12 महीनों के दौरान भारतीय टीम के लिए खेलने का अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी शमी को शामिल किए जाने की वकालत की।
सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा,
“उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था और शायद टेस्ट मैच गेंदबाज के रूप में इस दौरे पर भी होना चाहिए था। दुर्भाग्य से, यह उनका फैसला है। उन्होंने अपना मन बना लिया। उनके पास अभी भी खेल को देने के लिए बहुत कुछ था।”
शास्त्री के बयान से साफ है कि वह शमी के टेस्ट करियर को अभी समाप्त हुआ नहीं देखना चाहते थे। उनके अनुसार, शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता था।
शमी की फिटनेस पर सवाल उठाने वालों को रवि शास्त्री का जवाब
मोहम्मद शमी के टेस्ट टीम में चयन को लेकर उनकी फिटनेस पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। रवि शास्त्री ने इन सवालों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शमी बंगाल की ओर से लगातार क्रिकेट खेल रहे थे और नियमित रूप से गेंदबाजी कर रहे थे।
शास्त्री ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लगातार मैच खेल रहा हो और 15 से 20 ओवर गेंदबाजी कर रहा हो, तो उसकी फिटनेस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मुझे लगता है कि उनमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी था, और मुझे अपनी राय रखने का पूरा हक है। मैंने उनकी फिटनेस को लेकर प्रेस में कई खबरें सुनी हैं, लेकिन वह बंगाल के लिए हर मैच खेल रहे थे। वह 15-20 ओवर गेंदबाजी कर रहे थे। एक खिलाड़ी अपनी फिटनेस साबित करने के लिए इससे ज्यादा क्या करे?”
229 टेस्ट विकेट लेने वाले शमी का अनुभव भारतीय टीम के लिए अहम
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के उन तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने अपनी सीम और स्विंग गेंदबाजी से कई बार विपक्षी बल्लेबाजों को परेशानी में डाला। 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट उनके लंबे और प्रभावशाली करियर की गवाही देते हैं।
शमी की गेंदबाजी में खास बात यह रही कि वह तेज गति के साथ गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता रखते थे। टेस्ट क्रिकेट में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए खास महत्व रखता था।
रवि शास्त्री का बयान भी इसी ओर इशारा करता है कि शमी के पास अभी भारतीय टेस्ट टीम को देने के लिए काफी कुछ था। हालांकि, संन्यास का फैसला खिलाड़ी का निजी निर्णय होता है और शमी ने अपने टेस्ट करियर को विराम देने का फैसला कर लिया है।
निष्कर्ष: मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास के बाद रवि शास्त्री की प्रतिक्रिया ने भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान और उनकी संभावित वापसी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। शास्त्री के मुताबिक, शमी में अभी विकेट लेने की क्षमता और क्रिकेट बाकी थी। अब देखना होगा कि टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद शमी अपने क्रिकेट करियर को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।













