लखनऊ, 01 फरवरी 2026 — देश का आम बजट पेश होते ही सबसे ज्यादा जिस राज्य की चर्चा शुरू हुई, वह है उत्तर प्रदेश। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में उत्तर प्रदेश को केंद्र से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मिलने का अनुमान है। यह सहायता केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाला एक विस्तृत आर्थिक रोडमैप है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत इस बजट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश को “तेज, संतुलित और समग्र विकास” की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
केंद्रीय करों से हिस्सेदारी में वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों के बंटवारे से उत्तर प्रदेश को ₹2.69 लाख करोड़ प्राप्त होंगे, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह राशि ₹2.55 लाख करोड़ है। यह बढ़ोतरी राज्य की वित्तीय क्षमता को सीधे मजबूत करेगी और राज्य सरकार की योजनाओं को अधिक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
ब्याजमुक्त पूंजीगत ऋण: इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार
राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए दी जाने वाली ब्याजमुक्त ऋण योजना के तहत उत्तर प्रदेश को ₹22,000 करोड़ मिलेंगे। पिछले वर्ष यह राशि करीब ₹18,000 करोड़ थी। यह राशि एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब और शहरी ढांचे को मजबूती देने में इस्तेमाल होगी।
केंद्र सहायतित योजनाएं: एक लाख करोड़ से अधिक
केंद्र सहायतित योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश को इस बार ₹1 लाख करोड़ से अधिक मिलने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह प्रावधान लगभग ₹96,000 करोड़ था। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय योजनाओं से ₹15,000 करोड़ से अधिक मिलने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष के ₹12,000 करोड़ से अधिक है।
वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त लाभ
केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य को ₹10,000 से ₹12,000 करोड़ अतिरिक्त प्राप्त होंगे। यह राशि राज्य की सामाजिक योजनाओं और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने में सहायक होगी।
कुल अनुमानित प्राप्ति: ₹4.18 लाख करोड़
इन सभी मदों को जोड़कर देखा जाए तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश को केंद्र से लगभग ₹4.18 लाख करोड़ प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि चालू वर्ष में यह आंकड़ा लगभग ₹3.92 लाख करोड़ है। इसी आधार पर राज्य सरकार अपना आगामी बजट तैयार करेगी।
हाई-स्पीड रेल और कनेक्टिविटी का विस्तार
बजट में दो बड़े हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है — वाराणसी–सिलीगुड़ी और दिल्ली–वाराणसी। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश को लगभग 1500 किमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का लाभ मिलेगा। इससे पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
सेमीकंडक्टर पार्क और कंटेनर निर्माण
नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना और कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। यह उत्तर प्रदेश को विनिर्माण (manufacturing) के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।
75 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल: शिक्षा में सामाजिक बदलाव
राज्य के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलने से उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीर्थ स्थलों और शहरी ढांचे का विकास
तीर्थ स्थलों के विकास, शहरी आधारभूत ढांचे और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष: वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
UP Budget 2026 केवल धन आवंटन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला ठोस आधार है। इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, उद्योग, कनेक्टिविटी और महिला सशक्तिकरण—हर मोर्चे पर यह बजट राज्य के भविष्य की रूपरेखा तैयार करता है।










