लखनऊ, 02 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश में यूपी में सिंगापुर निवेश की दिशा में एक और ठोस संकेत देखने को मिला, जब सिंगापुर आधारित वैश्विक कंटेनर लॉजिस्टिक्स कंपनी A.P. Moller Maersk के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मुलाकात कर राज्य में निवेश विस्तार की इच्छा जताई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री का सिंगापुर दौरा प्रस्तावित है और राज्य सरकार विदेशी निवेश को नए आयाम देने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंपनी के प्रबंध निदेशक रीन पील पेडरसन ने किया। उनके साथ विवेक शर्मा (हेड—बिजनेस डेवलपमेंट एवं रेगुलेटरी अफेयर्स, भारत-बांग्लादेश-श्रीलंका क्षेत्र) भी मौजूद रहे। बातचीत का केंद्र बिंदु रहा—उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, अंतर्देशीय कंटेनर परिवहन और सप्लाई चेन अवसंरचना में संभावित विस्तार।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में भरोसा दिलाया कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम, त्वरित स्वीकृतियां, नीति-आधारित प्रोत्साहन और मजबूत कानून-व्यवस्था के जरिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले वर्षों में औद्योगिक माहौल को सरल, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया है।
दो दशक का भरोसा, अब विस्तार की बारी
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि एपी मोलर माएर्स्क पिछले करीब 20 वर्षों से उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति बनाए हुए है। इस दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सहयोग और भ्रष्टाचार-मुक्त वातावरण ने उनके अनुभव को सकारात्मक बनाया है। यही कारण है कि अब कंपनी निवेश को नए पैमाने पर ले जाने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकसित होते राज्यों में शामिल है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, उभरते लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक अवसंरचना ने राज्य को निवेश का स्वाभाविक केंद्र बना दिया है।
लॉजिस्टिक्स हब बनने की राह पर उत्तर प्रदेश
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका अब वैश्विक कंपनियों को भी आकर्षित कर रही है। राज्य के पूर्वांचल और पश्चिमांचल को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे, समर्पित माल गलियारे (फ्रेट कनेक्टिविटी), और वेयरहाउसिंग के लिए विकसित हो रहे क्लस्टर—इन सबने सप्लाई चेन लागत घटाने में मदद की है। ऐसे में अंतर्देशीय कंटेनर मूवमेंट और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
एपी मोलर माएर्स्क शिपिंग, बंदरगाह संचालन, जल परिवहन और अंतर्देशीय लॉजिस्टिक्स में वैश्विक स्तर पर काम करती है। कंपनी का अनुभव और नेटवर्क यदि उत्तर प्रदेश की उभरती अवसंरचना से जुड़ता है, तो यह न केवल निर्यात-आयात चक्र को गति देगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
सरकार का फोकस: निवेश से रोजगार
सरकार का मानना है कि यूपी में सिंगापुर निवेश जैसे कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, पैकेजिंग और सहायक सेवाओं में रोजगार की व्यापक संभावनाएं बनेंगी। यह निवेश केवल पूंजी प्रवाह नहीं, बल्कि तकनीक, प्रबंधन दक्षता और वैश्विक मानकों का भी आगमन होगा।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य की संभावनाओं पर सहमति जताई। संकेत साफ है—उत्तर प्रदेश अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का उभरता हुआ केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।










