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सूरजकुंड झूला हादसा: एजेंसी मालिक गिरफ्तार, गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

On: February 8, 2026
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सूरजकुंड झूला हादसा: एजेंसी मालिक गिरफ्तार
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फरीदाबाद(Sun, 08 Feb 2026)।हरियाणा के प्रसिद्ध सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेला में शनिवार को हुआ सूरजकुंड झूला हादसा अब आपराधिक जांच के केंद्र में है। झूला टूटने से ड्यूटी पर मौजूद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत के बाद पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए झूला लगाने वाली एजेंसी के मालिक मोहम्मद शाकिर और उसके सहयोगी नितेश को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है। घटना के बाद मेले में सुरक्षा मानकों, फिटनेस सर्टिफिकेट और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड लिया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झूले की फिटनेस, मेंटेनेंस और इंस्टॉलेशन में किस स्तर पर चूक हुई। हादसे में 12 लोग घायल भी हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

झूले का ठेका, एजेंसी और पृष्ठभूमि

जांच में सामने आया कि झूले लगाने का ठेका हिमाचल फन फेयर नामक एजेंसी को मिला था। एजेंसी के संचालक मोहम्मद शाकिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के टोका नांगला गांव के निवासी हैं, जबकि नितेश मेरठ कैंट, धर्मापुरी का रहने वाला है। इसी एजेंसी ने मेले के एम्यूज़मेंट ज़ोन में 10 से अधिक झूले लगाए थे। प्रारंभिक पड़ताल में यह देखा जा रहा है कि क्या सभी झूलों का सुरक्षा परीक्षण नियमानुसार हुआ था, और क्या संचालन के दौरान निर्धारित भार सीमा (लोड लिमिट) व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

SIT गठित, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर फोकस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। टीम में ACP क्राइम वरुण कुमार दहिया, क्राइम ब्रांच NIT इंचार्ज शीशपाल, और सूरजकुंड थाने के SI संजय शामिल हैं। एसआईटी झूले के टूटे हिस्सों, बोल्ट-नट, वेल्डिंग जॉइंट, और सपोर्ट फ्रेम की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि तकनीकी कारण स्पष्ट हो सकें। साथ ही, इंस्टॉलेशन लॉग, फिटनेस सर्टिफिकेट, और ऑपरेशनल रजिस्टर की भी जांच की जा रही है।

घायल कौन-कौन, किसकी हालत गंभीर

हादसे में ASI नीलम, कांस्टेबल शर्मिला, SPO राजेश, हर्ष प्रकाश (ग्रेटर नोएडा), प्रशांत (IIT दिल्ली, तृतीय वर्ष), अमीषा (सूर्या विहार पार्ट-2), परविंदर (प्रहलादपुर, दिल्ली), सुनील (अकेरा, महेंद्रगढ़), शिवानी (नोएडा सेक्टर-78), बलबीर (सुल्तानपुर, हिमाचल प्रदेश), अनुज (कासगंज, UP) और पूजा (बहादुरपुर, फरीदाबाद) घायल हुए। इनमें ASI नीलम, प्रशांत और परविंदर को गंभीर चोटें आई हैं और उनका चार्मवुड विलेज स्थित सुप्रीम अस्पताल के ICU में इलाज चल रहा है। अन्य घायलों का उपचार जनरल वार्ड में जारी है।

सुरक्षा मानकों पर बहस तेज

सूरजकुंड झूला हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन की परीक्षा भी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अस्थायी एम्यूज़मेंट राइड्स के लिए नियमित निरीक्षण, प्रमाणित तकनीशियन द्वारा इंस्टॉलेशन, और दैनिक प्री-ऑपरेशन चेकलिस्ट अनिवार्य होनी चाहिए। इस घटना ने यह प्रश्न खड़ा किया है कि क्या ऐसे मानकों का पालन कागज़ों तक सीमित रह गया था।

पुलिस का कहना है कि जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, मेले में आने वाले लोगों के बीच भी चिंता है कि मनोरंजन के साधन कहीं जोखिम में न बदल जाएं। जांच की दिशा अब इस बात पर टिकी है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई—तकनीकी, प्रबंधकीय, या निगरानी से जुड़ी।

सूरजकुंड झूला हादसा की परतें खुलने के साथ ही यह साफ हो रहा है कि जवाबदेही तय किए बिना भरोसा बहाल नहीं होगा। फिलहाल, एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस त्रासदी के वास्तविक कारणों पर निर्णायक रोशनी डालेगी।

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