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ऑपरेशन प्रहार 2.0: 72 घंटे, 12 हजार जवान और गैंगस्टरों पर पंजाब पुलिस का बड़ा शिकंजा

On: February 8, 2026
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ऑपरेशन प्रहार 2.0: 72 घंटे, 12 हजार जवान और गैंगस्टरों पर पंजाब पुलिस का बड़ा शिकंजा
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चंडीगढ़, 08 फरवरी 2026। पंजाब में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के नेटवर्क पर निर्णायक वार की तैयारी पूरी है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 आज से शुरू हो रहा है—72 घंटे तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 12,000 पुलिस जवान एक साथ मोर्चा संभालेंगे। स्पष्ट संदेश है: वांटेड अपराधियों की धरपकड़, अवैध हथियार-नशा तस्करी पर चोट, और जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी।

पंजाब पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ऑपरेशन के लिए विस्तृत एसओपी तैयार है। सीनियर अधिकारियों को जिले आवंटित किए गए हैं, कोर एरिया और थानों में स्टाफ बढ़ाया जाएगा, और फील्ड में वरिष्ठ अफसरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की जाएगी। जवाबदेही तय रहे—यह इस अभियान का केंद्रीय सिद्धांत है।

सघन निगरानी, खुफिया इनपुट पर एक्शन

ऑपरेशन का फोकस खुफिया सूचनाओं पर आधारित त्वरित कार्रवाई है। नाकेबंदी, संदिग्ध ठिकानों पर दबिश, वांटेड सूची की क्रॉस-चेकिंग और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तैनाती—इन सबको एक साथ साधा जाएगा। लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधी ढांचे को लॉजिस्टिक स्तर पर कमजोर करना है।

अमृतसर मॉडल: 631 छापे, 269 गिरफ्तारियां

अमृतसर में 20 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक चले विशेष अभियान के आंकड़े इस रणनीति की प्रभावशीलता दिखाते हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक:

  • 631 छापे
  • 269 आरोपी गिरफ्तार
    • 9 गैंगस्टरों के साथी
    • 4 गैंगस्टरों के रिश्तेदार
    • 256 अन्य आपराधिक मामलों में शामिल
  • 479 लोगों पर प्रिवेंटिव एक्शन
  • 19 घोषित अपराधी गिरफ्तार

भारी बरामदगी

कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री बताती है कि निशाना सही जगह लगा:

  • 21 पिस्तौल, 1 बंदूक, 70 जिंदा कारतूस, 2 मैगजीन
  • ~2.989 किलोग्राम हेरोइन, 1,280 गोलियां
  • ₹8,66,260 ड्रग मनी, 204 ग्राम सोना
  • 74 बोतल अवैध शराब
  • 32 दोपहिया, 2 चारपहिया, 1 तिपहिया वाहन
  • 27 मोबाइल फोन, लाठियां, हथौड़े, लोहे की रॉड
  • 15 ट्रैवल एजेंट और गन हाउस की गहन जांच

कमिश्नर भुल्लर ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने और नशा व हथियार तस्करी पर अंकुश के लिए ऐसे इंटेलिजेंस-ड्रिवन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

“फील्ड में अफसर”—कमांड से लेकर क्रियान्वयन तक

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 में कागजी समीक्षा नहीं, जमीनी मौजूदगी होगी। वरिष्ठ अधिकारी जिलों में कैंप करेंगे, थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, और हर कार्रवाई की रिपोर्टिंग तय प्रारूप में होगी। 72 घंटे का यह विंडो पीरियड अपराधी नेटवर्क को चौंकाने और सप्लाई-चेन तोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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