रायपुर(Sun, 08 Feb 2026)-केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ को परिवहन अवसंरचना के मोर्चे पर बड़ी सौगात मिली है। रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का आवंटन मिला है, जिसे अब तक का ऐतिहासिक समर्थन माना जा रहा है। यह घोषणा केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने रायपुर में प्रेसवार्ता के दौरान की।
न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस में आयोजित संवाद में मंत्री ने बताया कि यह निवेश न केवल रेल क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि माल ढुलाई, यात्री सुविधाओं और नए कॉरिडोर के विकास को भी गति देगा।
UDAN और कृषि उड़ान से हवाई पहुंच का विस्तार
हवाई कनेक्टिविटी के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर से नियमित उड़ानें शुरू की गई हैं। इससे दूरस्थ अंचलों की राजधानी और बड़े शहरों से दूरी घटेगी।
साथ ही, स्वामी विवेकानंद विमानतल को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है, ताकि कृषि उत्पादों का तेज़ परिवहन संभव हो सके। इससे किसानों और उद्यमियों को त्वरित बाज़ार उपलब्धता मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल: भारतमाला से 571 किमी कॉरिडोर
सड़क अवसंरचना पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से नेशनल हाईवे विकास को प्राथमिकता दी गई। राज्य में 400 किमी से अधिक लंबाई की तीन प्रमुख सड़कों का निर्माण हुआ है।
इसके अतिरिक्त, भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में 571 किमी से अधिक नेशनल हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। यह कॉरिडोर औद्योगिक, कृषि और वन-आधारित क्षेत्रों को तेज़ आवाजाही से जोड़ेगा।
रेल निवेश का असर: क्षमता, गति और लॉजिस्टिक्स
₹7,470 करोड़ का रेल आवंटन ट्रैक उन्नयन, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और स्टेशन सुविधाओं के आधुनिकीकरण में लगाया जाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे:
- मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ेगी,
- यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी,
- खनिज और कृषि उत्पादों की ढुलाई लागत घटेगी,
- और नए औद्योगिक निवेश को बल मिलेगा।
मंत्री के अनुसार, यह निवेश छत्तीसगढ़ को पूर्व-मध्य भारत के एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
बहु-मोडल सोच: रेल–सड़क–हवाई का समन्वय
इस बजट में खास बात केवल एक क्षेत्र पर फोकस नहीं, बल्कि रेल कनेक्टिविटी के साथ सड़क और हवाई नेटवर्क का समन्वित विस्तार है। यही बहु-मोडल दृष्टिकोण राज्य के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का आधार बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब रेल कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्रीय उड़ानें एक साथ काम करती हैं, तो निवेश, पर्यटन, कृषि व्यापार और रोज़गार—सभी पर सकारात्मक प्रभाव दिखता है।













