वाराणसी, 08 फरवरी 2026 (रविवार)। शहर में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सीरप की अवैध बिक्री से जुड़े पांच वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई वाराणसी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत की। पकड़े गए आरोपियों में तीन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल के सहारे करीब 25 लाख बोतलें बाजार में उतारी गईं, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई।
फर्जी बिलिंग, असली मुनाफा: कैसे चला खेल
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल का इस्तेमाल किया। कागजों में माल औषधीय उपयोग के लिए दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में इसे नशे के तौर पर खपाया जा रहा था। इस नेटवर्क में रांची (झारखंड) की एक फर्म का नाम भी सामने आया, जिसके माध्यम से बड़ी खेपों की सप्लाई दिखाई जाती थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जौनपुर निवासी विकास सिंह और अन्य लोगों के साथ बैठकों का दौर चलता था। ये बैठकें के बी एन प्लाजा में होती थीं, जहां सप्लाई, रूट और पैसों के लेन-देन पर रणनीति बनती थी। कागजों पर सीमित माल दिखाया जाता, जबकि असल खेप अलग चैनल से खपाई जाती।
25 लाख बोतलें, 40 करोड़ का खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने करीब 25 लाख बोतलों की अवैध तस्करी स्वीकार की है। इस पूरे नेटवर्क से लगभग 40 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार हुआ, जिसमें से करीब 8 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक लाभ आरोपियों तक पहुंचा। कुछ खेप पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में पकड़ी भी गई थीं, जिनके नोटिस का जवाब देने के लिए फर्जी ई-वे बिल तैयार कराए गए।
फर्जी फर्में, असली मकसद
जांच में यह भी सामने आया कि कई लोगों के दस्तावेज जुटाकर फर्में खुलवाई गईं, ताकि सप्लाई चेन कागजों पर वैध दिखे। असल में इन फर्मों का उपयोग तस्करी की ढाल के रूप में किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी फरार थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भोरसर लिंक रोड, मिर्जापुर बाईपास से दबोच लिया।
बरामदगी और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 46 अदद विदेशी मुद्रा और एक आईफोन बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल, अभिनव कुमार यादव, घनश्याम मौर्या और अंकुश सिंह शामिल हैं। तीन आरोपी इनामिया बताए गए हैं। इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे की सप्लाई चेन पर सीधी चोट है और आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।








