लखनऊ (Sun, 08 Feb 2026)। उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बहुप्रतीक्षित यूपी विधानसभा बजट सत्र 9 फरवरी से राजधानी लखनऊ में शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत दोनों सदनों के संयुक्त समक्ष राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जबकि 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया जाएगा। 20 फरवरी तक प्रस्तावित इस कार्यवाही के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की उम्मीद है।
सत्र के पहले दिन आनंदी बेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के समक्ष अभिभाषण देंगी। 10 फरवरी को वर्तमान और पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। इसके बाद सदन नियमित विधायी कार्यवाही की ओर बढ़ेगा।
11 फरवरी: बजट प्रस्तुति और धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
11 फरवरी (बुधवार) को सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। बजट पेश होने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा, जिस पर विस्तृत चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन की बैठकें नियमित रूप से चलेंगी।
14 और 15 फरवरी (शनिवार-रविवार) को अवकाश रहेगा, जबकि 16 फरवरी से पुनः कार्यवाही शुरू होगी और 20 फरवरी तक प्रस्तावित एजेंडे पर चर्चा जारी रहेगी।
सदन के सुचारु संचालन की अपील
सत्र से पहले सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सदन के सफल और मर्यादित संचालन में सहयोग का अनुरोध किया है। वहीं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाएं और स्वस्थ बहस के माध्यम से प्रदेश के विकास को गति दें।
क्यों अहम है यह बजट सत्र?
यूपी विधानसभा बजट सत्र को इस बार कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
- वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्राथमिकताएँ स्पष्ट होंगी
- विभागवार आवंटन और नई योजनाओं की रूपरेखा सामने आएगी
- विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नीतिगत बहस का मंच मिलेगा
- जनहित, विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं पर फोकस रहेगा
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि बजट और बहसों के जरिए सरकार अपने विकास एजेंडे को विस्तार से रखेगी, जबकि विपक्ष मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगा।
निष्कर्ष
9 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह सत्र न सिर्फ वित्तीय दृष्टि से, बल्कि नीतिगत विमर्श के लिहाज से भी अहम रहने वाला है। सदन की कार्यवाही में उठने वाले सवाल और दिए जाने वाले जवाब आने वाले वर्ष की प्रशासनिक दिशा तय करेंगे।








