लातिन अमेरिका, सोमवार 09 फरवरी 2026: वेनेजुएला की विपक्षी धड़ा एक बार फिर बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। सोमवार को विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने राजधानी काराकास से एक सुनियोजित अपहरण की जानकारी दी, जिसमें उनके सबसे नज़दीकी सहयोगियों में से एक को रिहाई के कुछ ही घंटे बाद ही अगवा कर लिया गया। यह घटना देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सामने आई है, जहां सरकार और विपक्षियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
वेनेजुएला सरकार ने रविवार को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा किया था, जो महीनों से कड़े कारावास में थे। यह कदम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रतिनिधिमंडल की हालिया यात्रा के बाद आया, जिसने मानवाधिकार मामलों पर सरकार पर दबाव बढ़ाया था।
अधिकारियो द्वारा अगवा किए जाने का आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म “एक्स” पर पोस्ट किए गए संदेश में मचाडो ने कहा कि उनके सहयोगी जुआन पाब्लो गुआनिपा को राजधानी के एक शांत आवासीय इलाके से आधी रात के करीब अगवा कर लिया गया।
मचाडो ने पोस्ट में लिखा:
“चार वाहनों में सशस्त्र, सादे कपड़ों में आए लोगों ने उसे मैंने देखा कई पुलिसकर्मियों के साथ जबरदस्ती उठाया और अपने साथ ले गए।”
उन्होंने इस कार्रवाई की तत्काल रिहाई की मांग भी की है।
गुआनिपा वेनेजुएला के एक प्रभावशाली पूर्व राज्यपाल हैं और उन्होंने पिछले आठ महीनों से हिरासत में समय बिताया था। रिहाई के कुछ ही घंटे बाद उनका अपहरण होना उनके समर्थकों के लिए बड़ा सदमे जैसा रहा।
सरकार का कोई तत्काल जवाब नहीं
मंगलवार की सुबह इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जब सरकार के प्रेस कार्यालय से संपर्क किया गया, तो उस समय कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
सरकारी अधिकारियों की ओर से इस घटना पर चुप्पी बरतने से राजनीतिक विश्लेषकों में अनुमान बढ़ गया है कि मामला और अधिक संवेदनशील हो सकता है।
पृष्ठभूमि: राजनीतिक बदलाव और विवाद
यह घटना एक ऐसे समय में सामने आई है जब देश में बड़े राजनीतिक उतार-चढ़ाव हो रहे हैं। जनवरी में अमेरिकी सेना द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
उसके बाद सरकार ने कई विपक्षी नेताओं को रिहा करना शुरू किया, जिससे राजनीतिक माहौल में थोड़ी हलचल आई।
रिहाई के बाद रविवार को कई परिवार जेल के बाहर इकट्ठा हुए और उन्होंने नारे लगाए—
“हम नहीं डरते! हम नहीं डरते!”
कुछ लोग हाथों में तिरंगा जैसे झंडे लेकर पैदल मार्च भी कर रहे थे, यह जताते हुए कि अब बदलाव की शुरुआत होगी।
रिहा हुए गुआनिपा का बयान
रिहाई से पहले पत्रकारों से बातचीत में जुआन पाब्लो गुआनिपा ने कहा था:
“मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश पूरी तरह बदल चुका है। अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।”
यह संदेश विपक्षी खेमे की आशा और तत्परता की गवाही देता है।
क्या इससे राजनीतिक तापमान बढ़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी नेता की रिहाई के तुरंत बाद सहयोगी का अगवा होना देश के राजनीतिक संतुलन पर नया सवाल खड़ा करता है।
कई समर्थक इसे शासन की कार्रवाई मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक दबाव और सेंध के रूप में पढ़ रहे हैं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी वेनेजुएला पर बरकरार हैं, और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक गहराई से सामने आने की संभावना है।












