लखनऊ | 09 फरवरी 2026 — विधानसभा में पेश आर्थिक समीक्षा ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर पर्यटन, कानून-व्यवस्था और निवेश भरोसे के कोण से पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में 156.18 करोड़ पर्यटकों के आगमन के साथ राज्य देश में पहले स्थान पर पहुंचा। इसमें महाकुंभ प्रयागराज 2025 का बड़ा योगदान माना गया, जहां 66.30 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक आए। सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022 के क्रियान्वयन ने भी इस उछाल को गति दी।
पर्यटन में 2.4 गुना उछाल, 12 सर्किट और 12 थीमैटिक सेक्टर
रिपोर्ट बताती है कि 2024 के 64.91 करोड़ पर्यटकों की तुलना में 2025 में 140.6% की वृद्धि दर्ज हुई। 12 थीमैटिक सेक्टर और 12 पर्यटन सर्किट के विकास के लिए 1,546 प्रस्तावों पर 34,439 करोड़ रुपये का निवेश मिला। धार्मिक-सांस्कृतिक धुरी पर अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज वैश्विक आकर्षण के केंद्र के रूप में उभरे हैं।
ईको-टूरिज्म के तहत 49 परियोजनाएं शुरू हुईं, जिनमें जैव-विविधता संरक्षण के साथ होमस्टे और हस्तशिल्प को जोड़ा गया। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 85 होमस्टे और 155 टूर ऑपरेटर पंजीकृत किए गए।
कानून-व्यवस्था पर जोर, ‘जीरो टॉलरेंस’ और टेक-पुलिसिंग
आर्थिक समीक्षा विधानसभा पटल पर रखते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि संगठित अपराध पर नकेल और माफिया नेटवर्क ध्वस्त होने से अपराध दर में कमी आई है, जिससे निवेशकों और आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा। आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई को इस बदलाव का आधार बताया गया।
महिला सुरक्षा के लिए सेफ सिटी परियोजना, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला पुलिस बीट और एंटी रोमियो स्क्वॉड की तैनाती का जिक्र हुआ। मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की भागीदारी बढ़ने का दावा भी रिपोर्ट में किया गया है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ी हिस्सेदारी
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 2016–17 के 8.6% से बढ़कर 2024–25 में 9.1% हो गया है। इसे राज्य की आर्थिक मजबूती और बढ़ती भूमिका का संकेत माना गया।
संकेत क्या हैं?
आर्थिक समीक्षा के ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार पर्यटन-आधारित विकास, ईको-टूरिज्म, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को विकास की धुरी के रूप में प्रस्तुत कर रही है। धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों पर बढ़ती आवाजाही और निवेश प्रस्तावों के साथ प्रदेश खुद को “सांस्कृतिक पर्यटन हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।








