असम|1 अप्रैल 2026: असम चुनाव 2026 की गर्माहट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोगामुख की चुनावी सभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और भाजपा की लगातार तीसरी जीत का दावा किया। उनके भाषण में विकास, पहचान और राजनीति—तीनों का मिश्रण साफ नजर आया।
सभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य ने “सेवा और सुशासन” का नया दौर देखा है और अब जनता भाजपा को एक बार फिर अवसर देने के लिए तैयार है।
असम चुनाव 2026: भाजपा की हैट्रिक का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विश्वास जताया कि इस बार असम चुनाव 2026 में भाजपा-एनडीए सरकार हैट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का उत्साह, खासकर युवाओं और महिलाओं की भागीदारी, इस जीत का संकेत है।
उन्होंने कहा, “यह जनसमुद्र खुद बता रहा है कि इस बार हैट्रिक पक्की है।”
मोदी ने यह भी जोड़ा कि उन्हें खुद प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर मिला और अब असम में भी जनता भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए तैयार है।
विकास का हवाला: 10 साल की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उनके अनुसार:
- 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घर दिए गए
- इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से विकास हुआ
- सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना बाढ़ नियंत्रण में मदद करेगी
- आदिवासी समुदायों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया गया
उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बात भी दोहराई और इसे “समान अधिकारों की दिशा में कदम” बताया।
मोदी ने यह भी कहा कि अब असम केवल चाय के लिए नहीं, बल्कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए भी जाना जाएगा।
कांग्रेस और Rahul Gandhi पर सीधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की राजनीति “परिवार और सत्ता” के इर्द-गिर्द घूमती रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के “स्वघोषित राजकुमार” की हार की “सेंचुरी” लगने वाली है।
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक असम के संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया और राज्य के समाज को बांटने की राजनीति की।
ब्रह्मपुत्र और बुनियादी ढांचे पर भी टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन में ब्रह्मपुत्र नदी पर दशकों में केवल तीन पुल बनाए गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी, जिससे विकास को गति मिली।
उन्होंने कहा कि असम के विकास का मतलब केवल राज्य का विकास नहीं, बल्कि “विकसित भारत” की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कानून, घुसपैठ और पहचान का मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह वोटबैंक की राजनीति के लिए विवादित कानून लाना चाहती है। उन्होंने पुराने प्रस्तावित कम्युनल वायलेंस बिल का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने संसद में उसे रोक दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार अवैध घुसपैठ और जमीन कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी और असमिया पहचान की रक्षा करेगी।
उनके शब्दों में, “असम की शान और पहचान बनी रहेगी—यह मोदी की गारंटी है।
टेक्नोलॉजी हब बनने की ओर असम
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भविष्य की तस्वीर भी पेश की। उन्होंने कहा कि जल्द ही असम में सेमीकंडक्टर प्लांट से चिप उत्पादन शुरू होगा, जिससे राज्य आधुनिक तकनीक का बड़ा केंद्र बन सकता है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में मोबाइल फोन, गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप असम से आएगी—जो राज्य की आर्थिक दिशा को पूरी तरह बदल सकता है।
चुनावी माहौल में सियासी संदेश
गोगामुख की इस रैली में प्रधानमंत्री का संदेश साफ था—विकास के साथ पहचान और सुरक्षा को जोड़कर भाजपा चुनावी मैदान में उतर चुकी है।
असम चुनाव 2026 अब केवल सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि विकास मॉडल और राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई बनता दिख रहा है।













