सोनितपुर/लखनऊ (03 अप्रैल 2026): चुनावी मौसम में असम की राजनीति गर्म है और इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपनी सख्त छवि और तीखे शब्दों के साथ विपक्ष पर सीधा हमला बोला। बरछला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ पर घुसपैठ को बढ़ावा देने और दंगों की राजनीति करने का आरोप लगाया।
योगी ने अपने संबोधन में बार-बार “नो दंगा सब चंगा” का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके अनुसार, “जहां पहले हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे और कर्फ्यू की खबरें आती थीं, आज वहां शांति और विकास का माहौल है।”
घुसपैठ और पहचान का मुद्दा: कांग्रेस-यूडीएफ पर निशाना
सीएम योगी ने कहा कि असम की पहचान, संस्कृति और संसाधनों पर सबसे बड़ा खतरा घुसपैठ के कारण पैदा हुआ, जिसे कांग्रेस और यूडीएफ ने नजरअंदाज ही नहीं बल्कि बढ़ावा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि “असम के गरीबों का राशन तक घुसपैठिए खा जाते थे, लेकिन अब डबल इंजन सरकार हर नागरिक को उसका हक दिला रही है।”
उन्होंने असमिया समाज के संदर्भ में ‘जाति, माटी और बेटी’ की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक नारा नहीं बल्कि अस्तित्व का सवाल है।
डबल इंजन सरकार का मॉडल: विकास और विरासत साथ-साथ
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने का सीधा लाभ असम को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि असम अब केवल चाय उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि चिप निर्माण जैसे आधुनिक उद्योगों में भी अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने Ayodhya Ram Temple, काशी विश्वनाथ धाम और Kamakhya Temple कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि “विकास और आस्था का संतुलन ही भाजपा की पहचान है।”
“नो दंगा सब चंगा”: यूपी मॉडल को असम में पेश किया
योगी ने उत्तर प्रदेश के अनुभव को असम के सामने रखते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारना संभव है, बशर्ते राजनीतिक इच्छाशक्ति हो। उन्होंने दावा किया कि यूपी में अब न तो दंगे होते हैं, न कर्फ्यू लगता है, और यही मॉडल असम में भी लागू किया जा सकता है।
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस को घुसपैठियों का वोट चाहिए, जबकि भाजपा को देश की सुरक्षा और नागरिकों का भविष्य।”
जनसभा में उमड़ा जनसैलाब, दिखा ‘योगी मैजिक’
बरछला की इस रैली में भारी भीड़ उमड़ी। युवा वर्ग का उत्साह इतना था कि कई लोग पेड़ों और वाहनों पर चढ़कर सीएम योगी की एक झलक पाने की कोशिश करते नजर आए। ‘बुलडोजर बाबा’ के नारे भी गूंजते रहे, जो उनकी सख्त प्रशासनिक छवि को दर्शाते हैं।
असमिया संस्कृति से जुड़ाव: जापी और ढोल के साथ योगी
सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ का पारंपरिक असमिया अंदाज में स्वागत किया गया। उन्होंने ‘जापी’ पहनकर और असमिया ढोल बजाकर स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। यह दृश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक भी माना गया।
राजनीतिक संदेश के पीछे रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, योगी का यह दौरा केवल चुनावी रैली नहीं बल्कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। नो दंगा सब चंगा जैसे सरल लेकिन प्रभावी नारे के जरिए वह सुरक्षा और स्थिरता का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।








