लखनऊ, 6 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार को होने वाली योगी कैबिनेट बैठक को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में उद्योग, समाज कल्याण और अन्य विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में “कई दर्जन” प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी मिलने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी विभागों के प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिवों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
योगी कैबिनेट बैठक में विकास और कल्याण पर फोकस
सूत्र बताते हैं कि इस बार की योगी कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और समाज कल्याण योजनाओं को प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहेंगे। राज्य सरकार का जोर एक ओर निवेश और रोजगार बढ़ाने पर है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब प्रदेश में विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज करने और प्रशासनिक फैसलों को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आईएएस रजनीश चंद्र ने मांगा वीआरएस
इस बीच प्रशासनिक महकमे से एक अहम खबर भी सामने आई है। यूपी कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी Rajnish Chandra ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया है।
उन्होंने 30 अप्रैल 2026 से निजी कारणों का हवाला देते हुए वीआरएस की मांग की है। वर्तमान में वे ग्राम्य विकास विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल अभी 31 दिसंबर 2026 तक शेष था।
शासन स्तर पर उनका आवेदन केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दिया गया है, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था: 31 मई तक स्व-मूल्यांकन अनिवार्य
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों की वार्षिक प्रविष्टियों को पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। प्रमुख सचिव (कार्मिक) एम. देवराज द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 31 मई 2026 तक अपना स्व-मूल्यांकन (Self Appraisal) पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
वहीं, समूह ‘घ’ के कर्मचारियों की प्रविष्टियां उनके नियंत्रक अधिकारी दर्ज करेंगे।
इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकर्ता अधिकारियों के लिए क्रमशः 31 जुलाई, 30 सितंबर और 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई है। यदि तय समय में टिप्पणी दर्ज नहीं होती है, तो सिस्टम स्वतः आगे बढ़ जाएगा।
AI लर्निंग अनिवार्य: 7 और 8 अप्रैल को विशेष प्रशिक्षण
डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है।
कार्मिक विभाग के निर्देशानुसार, 7 और 8 अप्रैल को शाम 4 बजे से 6 बजे तक आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर चार घंटे का एआई लर्निंग कोर्स पूरा करना होगा।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी कामकाज में तकनीक के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
क्या संकेत देती है यह बैठक?
मंगलवार की योगी कैबिनेट बैठक को केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे प्रदेश की विकास नीति और प्रशासनिक सुधारों की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी माना जा रहा है।
उद्योग, सामाजिक योजनाओं, डिजिटल प्रशासन और प्रशासनिक बदलाव—इन सभी मोर्चों पर सरकार के अगले कदम इसी बैठक से स्पष्ट होने की उम्मीद है।









