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यूपी में 35 करोड़ पौधारोपण महाभियान: सभी को मिलेंगे मुफ्त पौधे, कैबिनेट ने दी मंजूरी

On: May 4, 2026
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यूपी में 35 करोड़ पौधारोपण महाभियान, सभी को मिलेंगे मुफ्त पौधे
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लखनऊ, 4 मई 2026 (सोमवार): पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पौधारोपण महाभियान को इस साल और व्यापक बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 35 करोड़ पौधों के रोपण के लक्ष्य को मंजूरी दी गई। खास बात यह है कि इस अभियान के तहत आम लोगों से लेकर सरकारी विभागों तक—सभी को मुफ्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

यूपी पौधारोपण महाभियान: हर हाथ में पौधा, हर गांव में हरियाली

सरकार का लक्ष्य इस मानसून सीजन में 35 करोड़ पौधे लगाने का है। इसके लिए प्रदेश भर की 1935 नर्सरियों में 50 करोड़ से ज्यादा पौधे तैयार किए जा रहे हैं।

वन विभाग की पौधशालाओं से लोगों को मुफ्त पौधे दिए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

हालांकि, यूकेलिप्टस और पॉपलर जैसे पौधों को मुफ्त श्रेणी से बाहर रखा गया है। इन पौधों को सात रुपये प्रति पौधे की दर से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इनकी अत्यधिक रोपाई को नियंत्रित किया जा सके।

कौन-कौन से पौधे लगाए जाएंगे?

वन मंत्री Arun Kumar Saxena ने बताया कि इस बार अभियान में विविधता (diversity) पर खास जोर दिया गया है।

रोपे जाने वाले प्रमुख पौधों में शामिल हैं:

  • नीम, पीपल, बरगद, पाकड़
  • सहजन, आंवला, इमली, अर्जुन
  • जामुन, बेल, देशी आम, महुआ
  • सागौन, शीशम, बांस
  • फलदार पौधे जैसे अमरूद और नींबू

इस बार कुल पौधों में लगभग 30% हिस्सेदारी फलदार पौधों की होगी, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुफ्त पौधे क्यों? सरकार की रणनीति समझिए

सरकारी विभागों के पास अक्सर इस तरह के अभियानों के लिए अलग से बजट नहीं होता। ऐसे में वन विभाग को नोडल एजेंसी (nodal agency) बनाकर सभी विभागों और आम नागरिकों को मुफ्त पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इसका उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि “जनभागीदारी (public participation)” को बढ़ाना भी है—ताकि हर नागरिक खुद को इस अभियान का हिस्सा महसूस करे।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था—दोनों पर असर

अगर इस पहल को व्यापक नजरिए से देखें, तो यह सिर्फ हरियाली बढ़ाने का कार्यक्रम नहीं है।

  • पेड़ लगाने से वायु गुणवत्ता (air quality) में सुधार होगा
  • जल संरक्षण (water conservation) को बढ़ावा मिलेगा
  • और फलदार पौधों से ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय के अवसर बनेंगे

इस तरह यूपी पौधारोपण महाभियान पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता नजर आता है।

पत्रकार की नजर: लक्ष्य बड़ा, चुनौती उससे भी बड़ी

हर साल करोड़ों पौधे लगाने का लक्ष्य तय करना आसान है, लेकिन असली चुनौती उनके संरक्षण (maintenance) की होती है।

अक्सर देखा गया है कि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल नहीं हो पाती, जिससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते।

इस बार सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा—क्या लगाए गए पौधों को बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है?

निष्कर्ष: हरियाली की ओर बड़ा कदम

यूपी पौधारोपण महाभियान एक बार फिर बड़े स्तर पर शुरू होने जा रहा है। मुफ्त पौधों की व्यवस्था से इसमें आम जनता की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

अगर इस अभियान को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह उत्तर प्रदेश को हरियाली के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में भी नई ऊंचाई दे सकता है।

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