गुवाहाटी/31 जुलाई 2026: असम में बाढ़ का प्रकोप भले ही धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा हो, लेकिन हजारों परिवारों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। राज्य के कई इलाकों में लोग अब भी राहत शिविरों पर निर्भर हैं और सामान्य जीवन पटरी पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत होने के बाद इस वर्ष असम बाढ़ 2026 में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है, जिसकी बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार तक राज्य के आठ जिलों में 2,12,400 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, 437 गांव अब भी जलमग्न हैं और 21 राजस्व मंडल इस आपदा की चपेट में बने हुए हैं।
असम बाढ़ 2026: चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में देखा जा रहा है, जहां करीब 80 हजार लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में 40 हजार से अधिक लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। कई गांवों में सड़क संपर्क अब भी बाधित है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में प्रशासन को अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं।
प्रशासन ने चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं। इन शिविरों में 75,583 विस्थापित लोगों ने शरण ली हुई है। राहत एवं बचाव कार्यों में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन लगातार जुटे हुए हैं।
बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है। राज्य में 17,198 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सड़कें, पुल और तटबंध भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
इसके साथ ही लगभग 2.97 लाख पशु और मुर्गियां भी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रशासन ने राहत कार्यों के तहत प्रभावित परिवारों में 918 क्विंटल से अधिक चावल, 203 क्विंटल दाल, 146 क्विंटल नमक और 17,546 लीटर सरसों का तेल वितरित किया।
प्रभावित परिवारों को मिलेगी 15 हजार रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राहत और पुनर्वास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 2 और 3 अगस्त से तत्काल 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में 7 अगस्त से व्यापक नुकसान का सर्वे शुरू किया जाएगा, जिसे 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित कर्जदारों को छह महीने तक ऋण की किस्तों के भुगतान में राहत देने का भी फैसला किया है। आवश्यकता पड़ने पर ऋण की अवधि सात वर्ष तक बढ़ाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की गई है।
स्कूलों की बहाली के लिए जारी हुए 8 करोड़ रुपये
बाढ़ से प्रभावित स्कूलों में पढ़ाई जल्द शुरू कराने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। इसके लिए 8 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और विद्यार्थियों के लिए निशुल्क पाठ्यपुस्तकें पहले ही भेजी जा चुकी हैं।
सरकार के अनुसार, बाढ़ और कीचड़ से प्रभावित प्रत्येक स्कूल को सफाई और मरम्मत के लिए 2 से 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। यदि मौसम और हालात सामान्य रहे तो चार प्रभावित जिलों में 9 अगस्त से कक्षाएं फिर शुरू की जाएंगी। वहीं, चराइदेव और शिवसागर में क्षतिग्रस्त सड़कों तथा अन्य बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए विशेष विकास पैकेज भी तैयार किया जाएगा।











