नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किए गए इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को ड्रग्स की लत से बचाना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और जनभागीदारी के माध्यम से नशा मुक्त भारत की दिशा में व्यापक अभियान चलाना है।
यह राष्ट्रव्यापी पहल अगले 100 सप्ताह तक चलेगी। इस दौरान हर रविवार देशभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विकसित भारत के लिए स्वस्थ युवा जरूरी: पीएम मोदी
अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों की शक्ति से ही समाज में बड़े बदलाव आते हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं ने आज नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और यह संकल्प अगले 100 सप्ताह तक पूरे देश में एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशे जैसी घातक आदतों से पूरी तरह मुक्त रहेगा।
काशी से शुरू हुआ था अभियान, अब बना राष्ट्रीय आंदोलन
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पहल की शुरुआत पिछले वर्ष काशी में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। अब यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हो चुका है और इसमें 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन भी सहभागी बने हैं। उनका मानना है कि समाज की भागीदारी के बिना नशे के खिलाफ लड़ाई को सफल नहीं बनाया जा सकता।
ड्रग्स के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई जारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ड्रग्स तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही है।
परिवारों से की खुलकर संवाद की अपील
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से भी महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का कोई बच्चा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से छिपाने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवारों में ऐसा माहौल बनना चाहिए, जहां बच्चे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। खुला संवाद ही युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
युवाओं को दी करियर और भविष्य बचाने की सलाह
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए झूठा उत्साह जरूर दे सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति का करियर, परिवार और पूरा भविष्य बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता और ऊर्जा को सही दिशा में लगाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को यह समझना होगा कि नशा केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति को प्रभावित करता है।
दुश्मन देशों की साजिशों का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा नशे का शिकार होता है तो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि उसके साथ जुड़े अनेक सपने टूट जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत जैसे देशों के युवाओं को कमजोर करने के लिए दुश्मन देश नशे के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार ड्रग्स की तस्करी से होने वाली कमाई का उपयोग आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी किया जाता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य या सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय भी है।
100 सप्ताह तक चलेगा जनभागीदारी अभियान
‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान‘ के तहत अगले 100 सप्ताह तक देशभर में प्रत्येक रविवार जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, रैलियां, शपथ अभियान और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का लक्ष्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।













