लखनऊ/02 अगस्त 2026। UP मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से पहले रविवार को उत्तर प्रदेश विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी जनप्रतिनिधियों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वस्थ बहस और रचनात्मक संवाद में है तथा जनता की अपेक्षाओं को सदन के माध्यम से प्रभावी ढंग से सामने रखा जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा, जबकि 4 अगस्त को योगी सरकार वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट पेश करेगी। ऐसे में इस सत्र को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विकास और जनसमस्याओं के समाधान पर हो केंद्रित चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान आम जनता से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। इससे एक ओर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी तो दूसरी ओर लोगों की समस्याओं के समाधान का रास्ता भी निकलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी गंभीरता के साथ सदन में उठाए। साथ ही सभी दलों से आग्रह किया कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो, ताकि विधायी कार्य बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकें।
विधानसभा अध्यक्ष ने भी सहयोग की अपील की
UP मानसून सत्र 2026 को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों का सम्मान है, लेकिन चर्चा का स्तर ऐसा होना चाहिए जिससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।
उन्होंने जानकारी दी कि इस बार का सत्र एक विशेष परंपरा का भी गवाह बनेगा। विधानसभा में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गीत का पूर्ण संस्करण गाया जाएगा। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए सभी सदस्यों से गरिमापूर्ण सहभागिता की अपेक्षा जताई।
सर्वदलीय बैठक में कई दलों के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आरके पटेल तथा राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
संसदीय कार्य मंत्री बोले- छोटा है सत्र, सभी दल निभाएं जिम्मेदारी
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अवधि में छोटा जरूर है, लेकिन इसकी उपयोगिता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन के संचालन में सहयोग करें, ताकि निर्धारित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनुपूरक बजट, जनहित के मुद्दों और विभिन्न विधायी प्रस्तावों को देखते हुए UP मानसून सत्र 2026 सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए अहम रहने वाला है।








