लखनऊ/02 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का UP मानसून सत्र 2026 सोमवार, 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले रविवार को राजधानी लखनऊ में राजनीतिक और संसदीय गतिविधियां पूरे दिन जारी रहेंगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने विधायकों के साथ रणनीति तय करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सर्वदलीय बैठक आयोजित होगी।
सरकार की कोशिश है कि मानसून सत्र सुचारु रूप से चले और जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हो। वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में होगी सर्वदलीय बैठक
सत्र के संचालन को लेकर रविवार को दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पहले सुबह 11:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी, जिसमें सदन की कार्यवाही और एजेंडे पर चर्चा की जाएगी।
इन बैठकों का उद्देश्य सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित करना तथा सभी दलों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
भाजपा और सपा दोनों बनाएंगी अपनी रणनीति
UP मानसून सत्र 2026 से पहले राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
भाजपा विधानमंडल दल की बैठक शाम 6 बजे लोकभवन सभागार में होगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, भाजपा के विधायक एवं विधान परिषद सदस्य तथा सहयोगी दलों के विधायक शामिल होंगे।
वहीं, समाजवादी पार्टी की विधानमंडल दल की बैठक सुबह 11 बजे पार्टी मुख्यालय पर होगी। बैठक में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। सपा अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ सत्र की रणनीति पर चर्चा करेगी।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, नीट पेपर लीक और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर सरकार भी इन सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी में है।
चार अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट
विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। हालांकि पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक आलमबदी के हालिया निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।
इसके बाद 4 अगस्त को दोपहर 12:20 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा।
विधायी कार्यों पर रहेगा फोकस
सत्र के कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को विभिन्न विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों पर चर्चा होगी, जबकि 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर बहस के बाद उसे पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गौरतलब है कि योगी सरकार इससे पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मूल बजट पहले ही विधानसभा से पारित करा चुकी है। अब अनुपूरक बजट के जरिए विभिन्न योजनाओं और विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे।








