लखनऊ, 02 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए योगी सरकार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। PET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), संगठित नकल या परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी सत्य नारायण साबत ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले अभ्यर्थियों और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थियों को न केवल संबंधित परीक्षा से बाहर किया जाएगा, बल्कि आयोग की भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से भी वंचित किया जा सकता है।
एंटी पेपर लीक कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान
आयोग ने बताया कि प्रदेश में पहले से लागू उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत पेपर लीक, प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करना, प्रतिरूपण, संगठित नकल और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अपराधों पर आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
इसी कानून के लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और परीक्षा केंद्रों पर नियंत्रण तंत्र को लगातार मजबूत किया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा वातावरण मिल सके।
परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होगी बर्दाश्त
आयोग ने स्पष्ट किया है कि UP PET 2026 के किसी भी चरण में अनुचित साधनों का प्रयोग, प्रश्नपत्र लीक करना, परीक्षा की गोपनीयता भंग करना या केंद्र एवं राज्य सरकार के कानूनों के तहत अपराध की श्रेणी में आने वाला कोई भी कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग का कहना है कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केंद्र सरकार भी पेपर लीक पर सख्त
पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर केंद्र सरकार भी कड़ा रुख अपना चुकी है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रश्नपत्र लीक, संगठित नकल, परीक्षा सामग्री से छेड़छाड़ और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के लिए 10 वर्ष तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे कानूनों का उद्देश्य देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
UP PET 2026 से खुलेंगे हजारों सरकारी नौकरियों के अवसर
उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों के समूह ‘ग’ (Group C) पदों पर भर्ती के लिए UP PET अनिवार्य पात्रता परीक्षा है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 3 अगस्त 2026 से UP PET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आयोग अध्यक्ष सत्य नारायण साबत के अनुसार UP PET 2025 के स्कोर के आधार पर अब तक 15 विभागों में करीब 23 हजार पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। अधिकांश पदों की लिखित परीक्षा पूरी हो चुकी है, जबकि शेष भर्ती प्रक्रियाएं जारी हैं। इसके अलावा कई नए विभागों में भी जल्द भर्ती विज्ञापन जारी होने की तैयारी चल रही है।
उन्होंने बताया कि UP PET 2025 का स्कोर अभी दो वर्ष तक मान्य रहेगा। ऐसे अभ्यर्थी जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे UP PET 2026 में भी आवेदन कर सकेंगे। बेहतर स्कोर मिलने पर उन्हें आने वाली सरकारी भर्तियों में अधिक अवसर प्राप्त होंगे।








