आगरा, 03 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में युवाओं को शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आंदोलनों से युवाओं को सीख लेनी चाहिए और ज्ञान का वास्तविक स्रोत किताबों को बनाना चाहिए, न कि केवल मोबाइल और टीवी को।
खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों में “एक-दो फीसदी ही पढ़े-लिखे युवा थे।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे रास्तों से दूर रहें जो उनके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं और अध्ययन व सकारात्मक सोच को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
किताबों से ज्ञान लेने की दी सलाह
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज के दौर में तकनीक जरूरी है, लेकिन केवल मोबाइल फोन और टीवी के जरिए जानकारी हासिल करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करने और गहन ज्ञान अर्जित करने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं के सामने प्रेरक उदाहरण रखते हुए कहा कि 25 से 28 वर्ष की आयु के भारतीय युवाओं ने देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 तैयार किया है। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि सही दिशा में मेहनत करने वाले युवा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं तय करें कि उन्हें किस तरह का युवा बनना है।
शिक्षा से समाज बदलने का दिया संदेश
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सामाजिक उद्यमिता का भी उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि पांच ऐसे युवाओं ने, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की परीक्षा में सफल नहीं हो सके, हार मानने के बजाय एक नया रास्ता चुना। उन्होंने नदी किनारे कपड़े एकत्रित करने वाली महिलाओं के साथ मिलकर बैग बनाने का कार्य शुरू किया और आज करीब 2,500 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में केवल कमियां देखने के बजाय शिक्षा और नवाचार के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की सोच विकसित करनी चाहिए।
अगले वर्ष से डिजीलॉकर में डिग्री देने की पहल
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने हजारों विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजीलॉकर पर अपलोड कराईं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छात्रों को कागजी डिग्री देने के बजाय सीधे डिजीलॉकर के माध्यम से डिग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और जरूरत पड़ने पर कहीं से भी आसानी से प्राप्त किए जा सकेंगे।
विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या को बताया अच्छी शिक्षा का प्रमाण
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि भारतीय विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां गिने-चुने विदेशी विद्यार्थी पढ़ने आते थे, वहीं अब उनकी संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के पांच सूत्र
समारोह के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने विद्यार्थियों को सफलता के पांच मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि जीवनभर सीखते रहने की आदत विकसित करें, ऐसा लक्ष्य चुनें जिससे राष्ट्र का विकास हो, नवाचार को अपनाएं, तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन बनाए रखें और देशहित को हमेशा सर्वोपरि मानें।









