लखनऊ/04 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार ने लखनऊ और नोएडा में यू-हब (डीप-टेक हब) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी और अन्य उभरती तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
करीब 100 करोड़ रुपये की शुरुआती बजटीय व्यवस्था के साथ शुरू होने वाली यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी और इनोवेशन केंद्रों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
यू-हब यूपी में डीप-टेक स्टार्टअप्स को देगा नई उड़ान
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत यू-हब परियोजना को स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एक साझा मंच के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, को-वर्किंग स्पेस, प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और उद्योग-अकादमिक सहयोग की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना ही नहीं, बल्कि शोध को बाजार तक पहुंचाने और नए उद्यमों को खड़ा करने में मदद करना भी है।
सरकार का मानना है कि डीप-टेक क्षेत्र में मजबूत इकोसिस्टम तैयार होने से प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
नोएडा और लखनऊ केंद्रों में अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों पर होगा फोकस
यू-हब को दो केंद्रों वाले मॉडल पर विकसित किया जाएगा। नोएडा और लखनऊ केंद्रों की भूमिका अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने की होगी।
नोएडा यू-हब में इन क्षेत्रों पर होगा काम
नोएडा केंद्र को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और हार्डवेयर आधारित नवाचारों का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। यहां मुख्य रूप से—
- क्वांटम प्रौद्योगिकी और एडवांस्ड कंप्यूटिंग
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और ओएसएटी
- फिजिकल एआई
- रोबोटिक्स
- रक्षा प्रौद्योगिकी
- उन्नत जैव प्रौद्योगिकी
जैसे क्षेत्रों में शोध और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
लखनऊ यू-हब में एप्लीकेशन आधारित तकनीकों को मिलेगा प्रोत्साहन
लखनऊ केंद्र में तकनीक के उपयोग आधारित क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। यहां—
- एप्लीकेशन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- गवटेक (GovTech)
- हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी
- इंडस्ट्रियल एआई
- कृषि जैव प्रौद्योगिकी
- डायग्नोस्टिक्स
से जुड़े नवाचारों को आगे बढ़ाया जाएगा।
आईआईटी कानपुर निदेशक होंगे यू-हब बोर्ड के अध्यक्ष
यू-हब के संचालन के लिए 11 सदस्यीय निदेशक मंडल बनाया जाएगा। इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक होंगे।
परियोजना के संचालन, निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां विकसित करने तथा विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करने के लिए एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी।
पहले चरण में तैयार होंगे 25 हजार वर्ग फुट के अत्याधुनिक केंद्र
यू-हब परियोजना के पहले चरण में लखनऊ और नोएडा दोनों स्थानों पर 25-25 हजार वर्ग फुट क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यहां स्टार्टअप्स के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें—
- को-वर्किंग स्पेस
- प्रोटोटाइपिंग लैब
- मीटिंग रूम
- निवेशक क्षेत्र
- तकनीकी सहयोग सुविधाएं
शामिल होंगी।
इसके अलावा अंतरिम व्यवस्था के तहत नोएडा में एक लाख वर्ग फुट अतिरिक्त क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य में नोएडा में चार लाख वर्ग फुट और लखनऊ में दो लाख वर्ग फुट क्षेत्र में स्थायी डीप-टेक परिसर विकसित करने की योजना है।
तीन वर्षों में 387.50 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में यू-हब परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजटीय प्रावधान किया है। अगले तीन वर्षों में इस परियोजना पर कुल 387.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि यू-हब से अनुसंधान को व्यावसायिक रूप देने, निवेश आकर्षित करने और स्टार्टअप्स की सफलता दर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करेगी और उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी।









