लखनऊ/04 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की अनिश्चितता और फसलों में होने वाले रोगों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश में यूपी फसल बीमा योजना 2026 को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
इस फैसले से प्रदेश के किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सहारा मिलेगा और खेती से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्राकृतिक संकट की स्थिति में किसान आर्थिक दबाव में न आएं और कृषि गतिविधियां लगातार जारी रख सकें।
यूपी फसल बीमा योजना 2026 में खरीफ से रबी तक सभी जिलों में होगा फसल बीमा
सरकार के निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख फसलों का ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा कराया जाएगा।
वहीं चयनित जिलों में औद्यानिक फसलों के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इस योजना के माध्यम से मौसम में अचानक होने वाले बदलाव जैसे अत्यधिक बारिश, सूखा, तापमान में उतार-चढ़ाव और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को कवर किया जाएगा।
कैबिनेट के प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार की गाइडलाइन और राज्य स्तरीय समन्वय समिति की सिफारिशों के आधार पर उन्हीं बीमा कंपनियों को वर्ष 2026-27 में काम जारी रखने की अनुमति दी गई है, जो पिछले तीन वर्षों से योजना का संचालन कर रही हैं।
किसानों के लिए सीमित रखा गया प्रीमियम का बोझ
योगी सरकार ने योजना में किसानों पर प्रीमियम का भार कम रखने की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।
इसी तरह रबी फसलों के लिए किसान 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करेंगे। वहीं वार्षिक वाणिज्यिक और औद्यानिक फसलों के लिए किसानों का हिस्सा अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।
वास्तविक प्रीमियम दर और किसानों द्वारा दिए जाने वाले प्रीमियम के बीच का अंतर केंद्र और राज्य सरकारें बराबर-बराबर वहन करेंगी। इससे किसानों को कम लागत में फसल सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
फसल बीमा कराने की तय की गई अंतिम तारीख
सरकार ने किसानों को फसल बीमा कराने के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ मौसम की फसलों के लिए 31 जुलाई और रबी मौसम की फसलों के लिए 31 दिसंबर तक बीमा कराया जा सकेगा।
हालांकि कृषि विभाग के अनुसार खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया भी चल रही है। इससे अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने में मदद मिलेगी।
वहीं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसान जोखिम शुरू होने से एक दिन पहले तक अपनी फसलों का बीमा करा सकेंगे।
किसानों की आय सुरक्षा की दिशा में सरकार का अहम कदम
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं और मौसम आधारित जोखिम कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। ऐसे में फसल बीमा योजनाओं को जारी रखने का फैसला किसानों को आर्थिक स्थिरता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि फसल बीमा केवल नुकसान की भरपाई का माध्यम नहीं है, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सुरक्षित बनाने का भी एक प्रयास है।









