लखनऊ/7 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की रुचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM)-2026-27 में अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है। कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे। खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क भरने में छात्रवृत्ति और स्टाइपेंड की राशि का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
VVM-2026-27 में 30 सितंबर तक होगा पंजीकरण
विज्ञान भारती (विभा) की ओर से आयोजित VVM-2026-27 के लिए विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। पंजीकरण शुल्क 200 रुपये प्रति विद्यार्थी निर्धारित किया गया है।
प्रतियोगिता के नियम, दिशा-निर्देश और अध्ययन सामग्री ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से पात्र विद्यार्थियों का समयबद्ध तरीके से अधिक से अधिक पंजीकरण कराने को कहा है।
छात्रवृत्ति और स्टाइपेंड से जमा होगी VVM की फीस
सरकार ने आर्थिक स्थिति को विद्यार्थियों की राह में बाधा बनने से रोकने के लिए एक अहम व्यवस्था की है। निर्देशों के अनुसार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की छात्राओं को मिलने वाली स्टाइपेंड राशि और माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि का उपयोग VVM के पंजीकरण शुल्क के भुगतान के लिए किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले उन विद्यार्थियों को भी प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिनके परिवारों के लिए अतिरिक्त शुल्क जुटाना मुश्किल हो सकता है। प्रतिभा को आर्थिक स्थिति से अलग रखने की यह पहल प्रतियोगिता की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती है।
तीन चरणों में होगी विद्यार्थी विज्ञान मंथन प्रतियोगिता
VVM-2026-27 का आयोजन तीन स्तरों पर किया जाएगा—
- विद्यालय स्तर
- राज्य स्तर
- राष्ट्रीय स्तर
हर चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अगले स्तर की प्रतियोगिता में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता भारत के अलावा छह मध्य-पूर्वी देशों में भी आयोजित की जा रही है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के साथ आधुनिक विज्ञान और वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराना है। यानी बच्चों के लिए यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि विज्ञान को समझने और उसके प्रति जिज्ञासा विकसित करने का एक अलग अनुभव भी होगा।
NEP-2020 के तहत वैज्ञानिक सोच पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में अनुभवात्मक और खोजपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। VVM जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे ले जाकर प्रयोग, नवाचार और अनुसंधान की ओर प्रेरित करने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का मानना है कि शुरुआती कक्षाओं से ही बच्चों में सवाल पूछने, तर्क करने और किसी समस्या का वैज्ञानिक समाधान खोजने की आदत विकसित की जाए तो आगे चलकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर प्रतिभाएं तैयार की जा सकती हैं।
हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी को मिले अवसर: संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है। उनके अनुसार विद्यार्थी विज्ञान मंथन को केवल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह विद्यार्थियों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत और अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी इस मंच से जुड़े और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
VVM-2026-27: एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| प्रतियोगिता | विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM)-2026-27 |
| पात्रता | कक्षा 6 से 11 तक |
| पंजीकरण की अंतिम तिथि | 30 सितंबर 2026 |
| शुल्क | 200 रुपये प्रति विद्यार्थी |
| आयोजन | विद्यालय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर |
| विशेष व्यवस्था | छात्रवृत्ति/स्टाइपेंड से शुल्क भुगतान |
| आयोजक | विज्ञान भारती (विभा) |









