लखनऊ/08 अगस्त 2026: प्रदेश के परिषदीय और एडेड उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर प्रोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद ने न्यायालय के निर्देश के बाद वरिष्ठता सूची तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
प्रधानाध्यापकों की तैयार होगी वरिष्ठता सूची
बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (एडी बेसिक) को उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संबंधित शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं और सेवा से जुड़ी आवश्यक जानकारियां निदेशालय को भेजने को कहा गया है।
अपर शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने इस संबंध में सभी एडी बेसिक को पत्र भेजकर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाध्यापकों की सेवा से जुड़ी जानकारी 10 बिंदुओं पर मांगी गई है, ताकि वरिष्ठता के आधार पर प्रोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य से जुड़ा है। अदालत ने प्रधानाध्यापकों को BEO पद पर प्रोन्नति देने के संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना नोटिस भी जारी किया गया था।
16 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने मामले में सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद भी वरिष्ठता सूची तैयार न होने पर शिक्षा विभाग ने अब संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई तेज करने को कहा है।
25 साल से प्रोन्नति का इंतजार
शिक्षक नेताओं के अनुसार, वर्ष 2001 से पहले दो बार प्रधानाध्यापकों को BEO पद पर प्रोन्नति दी गई थी। इसके बाद करीब 25 वर्षों से उन्हें इस लाभ का इंतजार था। ऐसे में नई प्रक्रिया लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
खाली पदों पर तैनाती से शिक्षा व्यवस्था को फायदा
प्रधानाध्यापकों को BEO पद पर प्रोन्नति मिलने से उन्हें करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही खाली BEO पदों पर तैनाती होने से ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सकती है। इसका असर स्कूलों के प्रशासनिक कामकाज और पठन-पाठन की गुणवत्ता पर भी पड़ने की उम्मीद है।









