गोमतीनगर सबसे प्रदूषित इलाका, तालकटोरा और अंबेडकर यूनिवर्सिटी क्षेत्र भी खतरनाक श्रेणी में
लखनऊ, शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) — बारिश का मौसम थमते ही राजधानी की हवा में फिर से ज़हर घुलने लगा है। जहां जुलाई से सितंबर के बीच लखनऊ की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, वहीं अब ठंड की दस्तक के साथ Air Quality Index (AQI) तेजी से बढ़ने लगा है।
शुक्रवार को शहर में इस सीजन का सबसे खराब औसत AQI दर्ज किया गया। सुबह के वक्त छह प्रमुख क्षेत्रों का औसत AQI 160 रहा — जो “येलो जोन” यानी मॉडरेट श्रेणी में आता है। मगर कुछ इलाकों में हालात इस दायरे से कहीं आगे निकल चुके हैं।
गोमतीनगर में AQI 194, तालकटोरा दूसरे स्थान पर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गोमतीनगर में AQI 194 रेकॉर्ड किया गया — जो शहर में सबसे खराब है। वहीं, तालकटोरा का AQI 191 दर्ज हुआ, जो बेहद खतरनाक स्तर के करीब है।
अंबेडकर यूनिवर्सिटी क्षेत्र की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है, जहां सूचकांक 175 तक पहुंच गया। इसके अलावा लालबाग में 155, अलीगंज में 139, और कुकरैल क्षेत्र में 106 का स्तर दर्ज हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, छह में से तीन मॉनिटरिंग स्टेशनों की हवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (Unhealthy) श्रेणी में पहुंच चुकी है।
दीपावली के बाद और बिगड़ सकती है हवा
सीपीसीबी की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि आने वाले दिनों में, विशेषकर दीपावली के बाद, हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है। त्योहारों के दौरान पटाखों का धुआं, बढ़ती ठंड और धीमी हवाओं का मेल प्रदूषण को और खतरनाक स्तर पर पहुंचा सकता है।
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. अजय वर्मा ने बताया, “बढ़ता वायु प्रदूषण केवल अस्थमा या फेफड़ों के मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल के रोगियों और बुजुर्गों के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सुबह-शाम के समय मास्क लगाकर बाहर निकलें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।”
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रदूषण के चलते खांसी, सांस फूलना, गले में जलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी — साफ आसमान लेकिन बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक यानी 23 अक्टूबर तक आसमान साफ रहेगा। हालांकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और पछुआ हवाओं के कारण उत्तर भारत में ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.7°C और न्यूनतम तापमान 19.8°C दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 2–3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे सुबह-शाम ठंड का एहसास और बढ़ेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन अलर्ट
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयुक्त रूप से टीमों को सक्रिय किया है। सड़कों पर पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर कवर और वाहनों से उठने वाले धुएं पर निगरानी की जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक नागरिक स्तर पर जागरूकता नहीं बढ़ेगी, तब तक Air Quality Index में ठोस सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।








