कोलकाता, 18 फरवरी 2026 — पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मायापुर दौरा चर्चा का केंद्र बन गया। हालांकि इस यात्रा को आधिकारिक तौर पर आध्यात्मिक कार्यक्रम बताया गया, लेकिन राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इसे कई मायनों में अहम माना जा रहा है। बुधवार सुबह शाह कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया।
एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए वे नदिया जिले के कृष्णानगर पहुंचे और वहां से सीधे मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय रवाना हुए। कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और पूरे दौरे को धार्मिक व सांस्कृतिक स्वरूप दिया गया।
‘गृह मंत्री नहीं, चैतन्य महाप्रभु का भक्त बनकर आया हूं’
मायापुर धाम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने साफ कहा कि वे यहां किसी राजनीतिक पद के रूप में नहीं, बल्कि एक श्रद्धालु के तौर पर आए हैं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन ने दुनिया भर में सनातन धर्म और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद और उनके गुरु भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की आध्यात्मिक दृष्टि ने गीता के ज्ञान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया। उनके अनुसार, गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन को समझने और संतुलन के साथ जीने का मार्गदर्शन देती है।
भाषण के दौरान उनका अंदाज औपचारिक कम और भावनात्मक ज्यादा दिखाई दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि मायापुर आने की इच्छा लंबे समय से थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया था।
152वीं जयंती समारोह में आध्यात्मिक विरासत पर जोर
अमित शाह मायापुर में आयोजित भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी परंपरा की असली ताकत उसके शिष्यों में दिखाई देती है और प्रभुपाद जैसे संत इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है। अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी विदेशी नेताओं से मिलते हैं तो उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता भेंट स्वरूप देना इसी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
यह बयान न केवल आध्यात्मिक संदर्भ में था, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति की ओर भी संकेत करता नजर आया।
सेवा, राहत और युवाओं से जुड़ाव पर इस्कॉन की भूमिका
गृह मंत्री ने इस्कॉन की सामाजिक गतिविधियों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन केवल धार्मिक प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य, भोजन वितरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को भारतीय त्योहारों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की पहल को सकारात्मक बताया। उनके मुताबिक, ऐसे प्रयास समाज में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं, जो आज की तेजी से बदलती दुनिया में बेहद जरूरी है।
राजनीतिक मंच से दूरी, लेकिन संदेश साफ
दौरे के दौरान किसी भी राजनीतिक सभा या जनसभा का आयोजन नहीं किया गया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वे शाह के साथ हेलीकॉप्टर से मायापुर पहुंचे। उनके पोस्ट में राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर अप्रत्यक्ष निशाना भी दिखाई दिया, जिससे राजनीतिक व्याख्याएं तेज हो गईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही कार्यक्रम धार्मिक था, लेकिन चुनावी माहौल की ओर बढ़ते बंगाल में हर उच्चस्तरीय दौरा अपने आप में संदेश देता है।
मार्च में निकलेगी छह परिवर्तन यात्राएं
भाजपा ने पश्चिम बंगाल को छह जोन में बांटकर मार्च 2026 से “परिवर्तन यात्राएं” निकालने की योजना बनाई है। इन यात्राओं का नेतृत्व सुवेंदु अधिकारी, समिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी, अग्निमित्रा पॉल और सुकांत मजूमदार जैसे नेता करेंगे। बताया जा रहा है कि इन यात्राओं का समापन कोलकाता में प्रधानमंत्री की बड़ी जनसभा के साथ होगा।
ऐसे में अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक रणनीति के बड़े कैलेंडर का हिस्सा भी माना जा रहा है, भले ही मंच पूरी तरह आध्यात्मिक रहा हो।
निष्कर्ष: आध्यात्मिक संदेश के साथ सियासी संकेत
मायापुर में अमित शाह का कार्यक्रम धर्म, संस्कृति और राजनीति — तीनों के संगम की तरह नजर आया। एक ओर उन्होंने गीता और सनातन परंपरा की वैश्विक प्रेरणा की बात की, वहीं दूसरी ओर बंगाल की राजनीतिक हलचल के बीच उनकी मौजूदगी ने कई संदेश छोड़ दिए।
यह दौरा बताता है कि आज के दौर में आध्यात्मिक मंच भी सार्वजनिक विमर्श और राजनीतिक संकेतों का हिस्सा बन चुके हैं — जहां भक्ति और रणनीति, दोनों साथ चलती दिखती हैं।













